नई दिल्ली, 20 फरवरी। इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में स्थापित आयुष पवेलियन प्रतिभागियों और विशेषज्ञों के लिए प्रमुख आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। पवेलियन में आयुष ग्रीड के तहत विकसित उन्नत डिजिटल प्लेटफॉर्म और एआई आधारित पहलों का रचनात्मक प्रदर्शन किया गया है, जिसने आगंतुकों का ध्यान खींचा है।
आयुष मंत्रालय के सचिव राजेश कोटेचा ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ पवेलियन का दौरा किया और वहां प्रदर्शित तकनीकी मॉडलों और डिजिटल समाधानों की समीक्षा की। उन्होंने आयुष ग्रिड टीम की सराहना करते हुए कहा कि तकनीक आधारित समाधानों को सुव्यवस्थित और प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत किया गया है।
पवेलियन में एआई-आधारित चैटबॉट्स भी प्रदर्शित किए गए, जिन्हें उपयोगकर्ताओं, आयुष चिकित्सकों और संस्थानों की सहायता के लिए तैयार किया गया है। ये पहल आयुष क्षेत्र में डिजिटल सिस्टम को मजबूत करने की दिशा में मंत्रालय के सतत प्रयासों को दर्शाती है।
आईएएनएस से बातचीत में सचिव राजेश कोटेचा ने कहा कि सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि मंत्रालय अपने स्वदेशी रूप से विकसित चैटबॉट सिस्टम का उपयोग कर रहा है। उन्होंने कहा, “हम किसी बाहरी प्रदाता पर निर्भर नहीं हैं। इसका मतलब है कि हमारा समाधान पूरी तरह सुरक्षित है, डेटा सुरक्षित है और सुरक्षा मानकों से लैस है।”
उन्होंने यह भी विश्वास जताया कि यह समिट एआई के भविष्य पर वैश्विक प्रभाव डालेगा। उनके अनुसार, “यह केवल भारी भागीदारी और उत्साह तक सीमित नहीं है, बल्कि यह वैश्विक स्तर पर एआई के भविष्य की दिशा तय कर रहा है और इसमें भारत की अग्रणी भूमिका स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है।”
आयुष मंत्रालय के दृष्टिकोण पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि कुछ वर्ष पहले आयुष ग्रिड की परिकल्पना की गई थी और अब दिसंबर में प्रधानमंत्री द्वारा आयुष का मास्टर एप्लिकेशन लॉन्च किया गया है, जो डिजिटल आयुष पारिस्थितिकी तंत्र को नई गति देगा।
समिट में आयुष पवेलियन के माध्यम से यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि भारत पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को आधुनिक डिजिटल तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के साथ जोड़कर वैश्विक मंच पर नई पहचान बना रहा है।