असम में अमित शाह ने की वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम-2 की शुरुआत, अब सीमांत गांव कहलाएंगे 'पहले गांव'

असम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम-2 की शुरुआत की


नई दिल्‍ली, 20 फरवरी। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को असम के नाथनपुर गांव में 6,839 करोड़ रुपए की लागत वाले वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम–2 (वीवीपी–2) की शुरुआत की।

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने अपने संबोधन में कहा कि आज शुरू हो रहे वाइब्रेंट विलेजेज-2 कार्यक्रम के माध्यम से पूरी बराक घाटी और असम के सीमांत जिलों के सभी गांवों में भारत के अन्य गांवों जितनी सुविधाएं देने का प्रयास और शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की है। उन्होंने कहा कि एक दौर था जब सीमांत गांव को देश का आखिरी गांव कहा जाता था क्योंकि वह विकास, रोजगार, बिजली कनेक्टिविटी और शिक्षा की दृष्टि से पिछड़ा हुआ था।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने वाइब्रेंट विलेजेज-1 कार्यक्रम में तय किया कि सीमा पर स्थित हर गांव आखिरी नहीं बल्कि भारत का प्रथम गांव है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि आज से असम का यह गांव भी देश का प्रथम गांव बनने जा रहा है। यह गांव न सिर्फ विकास की दौड़ में बल्कि रोजगार, शिक्षा, सड़क और दूरसंचार के क्षेत्र में भी देश के प्रथम गांव होंगे।

शाह ने कहा कि वाइब्रेंट विलेजज-2 में लगभग 6,900 करोड़ रुपए के खर्च से 17 राज्यों के 334 ब्लॉक्स के 1,954 गांव शामिल हैं। इनमें 9 जिले, 26 ब्लॉक और 140 गांव असम के हैं। असम के 140 गांवों में भारत के हर गांव जैसी पूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इस कार्यक्रम में अरुणाचल प्रदेश, बिहार, गुजरात, जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, पंजाब, राजस्थान, सिक्किम, त्रिपुरा, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के गांव भी शामिल हैं।

शाह ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय सीमा से सटे 334 ब्लॉक्स में लगभग 2000 गांवों के विकास का लगभग 7,000 करोड़ रुपए का कार्यक्रम आज से शुरू हो रहा है। उन्होंने कहा कि इसमें सुरक्षा, स्कीम सैचुरेशन और कनेक्टिविटी से जुड़ी कई योजनाएं शामिल हैं।

अमित शाह ने कहा कि पिछली सरकारों ने असम में सालों तक शासन किया,लेकिन राज्य के विकास के लिए कुछ नहीं किया। उन्होंने कहा कि हमने अपने 10 साल के शासन में वो कर दिखाया जो पिछली सरकारें 50 साल में भी नहीं कर सकीं।

उन्होंने कहा कि विगत 5 साल में प्रतिदिन असम में 14 किलोमीटर सड़क बनी है, जो भारत में सबसे अधिक है। उन्होंने कहा कि असम में 24 हजार किलोमीटर से अधिक सड़कों को अपग्रेड किया गया है, अनेक पुल बनाए गए और 4 बड़े नए पुल पिछले 10 साल में हमारी डबल इंजन की सरकार ने असम की जनता को दिए हैं।

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि जब हमारी पार्टी की सरकार बनी थी तब असम में मल्टीडायमेंशनल पॉवर्टी 37 प्रतिशत थी, जो 2023 में घटकर 14 प्रतिशत रह गई। 2013-14 में असम की प्रति व्यक्ति आय 49 हजार रुपए थी, जो 2024-25 में तीन गुना बढ़कर 1 लाख 54 हजार रुपए हो गई।

अमित शाह ने कहा कि यहां की जनता के मन में आत्मविश्वास, सुशासन और शांति के कारण आया है। उन्होंने कहा कि असम की हिमंता बिस्वा सरमा सरकार ने पहले होने वाले यहां बम धमाकों और उग्रवाद को भी समाप्त किया है।

शाह ने कहा कि हिमंता के नेतृत्व में आज असम पूरे नॉर्थईस्ट का हेल्थ हब बन गया है और असम में 27 हजार करोड़ रुपए का सेमीकंडक्टर प्लांट आया है। सड़कों के विकास के लिए 30 हजार करोड़ रुपए, रेलवे के लिए 95 हजार करोड़ रुपए और एयरपोर्ट के लिए 10 हजार करोड़ रुपए देने का काम मोदी सरकार ने किया है। हम असम के विकास के लिए एक ल्यूक्रेटिव इंडस्ट्रियल पॉलिसी भी लेकर आए हैं।

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि आने वाले दिनों में असम देश के विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल हो जाएगा और वायब्रेंट विलेज-2 कार्यक्रम इसका एक बेहद महत्वपूर्ण अंग है। हर सीमांत गांव देश के अन्य गांवों जितना विकसित हो, सीमा से पलायन न हो, सीमा से घुसपैठिए न घुस सकें और सुरक्षित असम के माध्यम से सुरक्षित भारत की कल्पना हमारी सरकार का संकल्प है। शाह ने कहा कि आज वायब्रेंट विलेजेज-2 कार्यक्रम की शुरूआत बराक वैली से हो रही है और यह 17 राज्यों के सीमांत गांवों तक विकास को पहुंचाएगा।

इस अवसर पर असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंता बिस्वा सरमा और केंद्रीय गृह सचिव सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
 

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