अमरावती, 20 फरवरी। संयुक्त राष्ट्र अंतर्राष्ट्रीय कंप्यूटिंग केंद्र (यूएनआईसीसी) आंध्र प्रदेश की राजधानी अमरावती के अमरावती क्वांटम वैली में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और क्वांटम तकनीक के लिए एक ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ स्थापित करेगा।
इस संबंध में शुक्रवार को नई दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के दौरान आशय पत्र पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू की उपस्थिति में हुआ।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी देते हुए कहा कि यह सेंटर ऑफ एक्सीलेंस अमरावती को सुरक्षित एआई के लिए ‘डिजिटल एंबेसी’ के रूप में स्थापित करेगा, जिससे संयुक्त राष्ट्र स्तर के मानकों के अनुरूप संप्रभु और साइबर-सुरक्षित एआई तैनाती संभव हो सकेगी।
उन्होंने कहा, “यह सहयोग अंतरराष्ट्रीय श्रेष्ठ प्रथाओं और वैश्विक साझेदारियों को आंध्र प्रदेश में लाएगा, जिससे राज्य विश्वसनीय एआई और क्वांटम तत्परता के वैश्विक मानचित्र पर उभरेगा।” मुख्यमंत्री ने यूएनआईसीसी के निदेशक समीर चौहान और एआई हब प्रमुख अनुशा दंडपाणी से भी मुलाकात की।
समिट के दौरान आंध्र प्रदेश सरकार ने विभिन्न कंपनियों और संस्थानों के साथ कुल सात समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए।
राज्य ने भारतजेन, नेक्सजेन और आईबीएम इंडिया के साथ मिलकर राज्यव्यापी एआई टेक हब शुरू करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल किसानों से लेकर मछुआरों तक सभी नागरिकों को सशक्त बनाएगी और ‘तेलुगू-फर्स्ट’ नागरिक-केंद्रित एआई मॉडल प्रस्तुत करेगी, जिसमें भविष्य में क्वांटम-एआई एकीकरण भी शामिल होगा।
आंध्र प्रदेश सरकार ने राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (नीलिट) के साथ भी एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत अमरावती में दक्षिण भारत का पहला नीलिट कैंपस स्थापित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की स्किल डेवलपमेंट शाखा नीलिट (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी) राज्य को क्वांटम और एआई शिक्षा का प्रमुख केंद्र बनाने में मदद करेगी। यह साझेदारी भारत के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को मजबूत करने की दिशा में कौशल विकास आधारित पहल को भी आगे बढ़ाएगी।
मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि राज्य सरकार आईबीएम के साथ मिलकर आंध्र प्रदेश के एक लाख युवाओं को एआई, साइबर सुरक्षा और क्वांटम कंप्यूटिंग में प्रशिक्षण देगी। अगले तीन से पांच वर्षों में विद्यार्थियों को उद्योग-उन्मुख और भविष्य-तैयार कौशल प्रदान किए जाएंगे।
राज्य सरकार ने मिशिगन स्थित कंपनी कैलिबो इंक के साथ भी एमओयू किया है, जिसके तहत आंध्र प्रदेश के 50 से अधिक उच्च शिक्षण संस्थानों में एआई पाठ्यक्रम ढांचा, सैंडबॉक्स वातावरण, फैकल्टी डेवलपमेंट और अनुप्रयुक्त कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे।
इसके अतिरिक्त, रियल टाइम गवर्नेंस सोसायटी के माध्यम से राज्य स्तरीय एआई सैंडबॉक्स भी स्थापित किया जाएगा, जो नागरिकों की जरूरतों के अनुरूप अधिक स्मार्ट, तेज और कुशल सार्वजनिक सेवाएं विकसित करने में मदद करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि कैलिबो के संस्थापक राज वत्तिकुटी आंध्र प्रदेश से ही हैं और यह राज्य के लिए गर्व की बात है कि वे विश्वस्तरीय विशेषज्ञता लेकर लौट रहे हैं।
इस पहल के साथ आंध्र प्रदेश ने एआई और क्वांटम तकनीक के क्षेत्र में न केवल राष्ट्रीय, बल्कि वैश्विक नेतृत्व की दिशा में एक बड़ा कदम बढ़ाया है।