जबलपुर मंदिर हमले का भाजपा नेताओं ने जताया विरोध, बोले- 'कुछ लोग माहौल खराब करने की कर रहे कोशिश'

जबलपुर मंदिर हमले का भाजपा नेताओं ने जताया विरोध, बोले- 'कुछ लोग माहौल खराब करने की कर रहे कोशिश'


भोपाल, 20 फरवरी। मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले के सिहोरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आजाद चौक इलाके में मंदिर में आरती के दौरान हमले का भाजपा नेताओं ने विरोध जताया। भाजपा नेताओं ने कहा कि कुछ समुदाय के लोग माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे थे, आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री विश्वास सारंग ने कहा, "मध्य प्रदेश शांति का टापू है। किसी भी व्यक्ति या ग्रुप को कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं है, और न ही ऐसे कामों की इजाजत दी जाएगी। जांच चल रही है, और पहली नजर में आरोपी लोगों को हिरासत में ले लिया गया है और उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है।"

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा, "मंदिर पर पथराव की जिस घटना का आप जिक्र कर रहे हैं, सरकार ऐसे हर मामले में सख्त है। सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाली किसी भी घटना को गंभीरता से लिया जाएगा।"

उन्होंने कहा कि अगर ऐसी कोई घटना होती है तो मुझे विश्वास है कि मुख्यमंत्री और हमारा गृह विभाग संज्ञान लेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए।"

भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा, "जबलपुर की घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। हालांकि, हम यह साफ करना चाहते हैं कि मध्य प्रदेश में हर व्यक्ति अपनी मान्यताओं के अनुसार अपने धर्म का पालन करने के लिए स्वतंत्र है।"

भाजपा विधायक अजय विश्नोई ने कहा, "मैं अभी घटना की डिटेल्स पर बात नहीं कर सकता, क्योंकि मेरे पास पूरी जानकारी नहीं है। प्लीज मुझे फैक्ट्स इकट्ठा करने दें, लेकिन जो कुछ भी हुआ वह गलत था, और इसे ठीक करना हमारी जिम्मेदारी है। हमें पता है कि इसे कैसे कंट्रोल करना है। निश्चिंत रहें, शांति भंग नहीं होगी, व्यवस्था बहाल होगी, और मैं आज खुद वहां जाऊंगा।"

बता दें कि जबलपुर में आरती को लेकर हुए विवाद के बीच मंदिर में तोड़फोड़ को लेकर दो गुटों में विवाद हुआ और पथराव हुआ। पुलिस को हालात पर काबू पाने के लिए आंसू गैस का उपयोग करना पड़ा। इस मामले में कई लोगों को हिरासत में लिया गया है। मिली जानकारी के अनुसार, सीहोरा थाना क्षेत्र के आजाद चौक इलाके में स्थित दुर्गा मंदिर में गुरुवार की रात को आरती हुई और उसके बाद दो समुदाय से जुड़े लोगों में विवाद हुआ।

दूसरे पक्ष से जुड़े लोगों ने मंदिर में तोड़फोड़ की। दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ा और पुलिस भी मौके पर पहुंची। हालात काबू में न आने पर पुलिस को आंसू गैस का उपयोग करना पड़ा। बताया जा रहा है कि आरती के दौरान लाउडस्पीकर बजाने पर विवाद हुआ। दूसरे समुदाय से जुड़े लोगों का कहना था कि लाउडस्पीकर तेज आवाज में बजाया जा रहा था और उसी पर विवाद हुआ। दूसरे समुदाय से जुड़े लोगों ने मंदिर में घुसकर तोड़फोड़ की। यह वह स्थान है जहां मंदिर और मस्जिद काफी करीब हैं।
 
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