वाराणसी (उत्तर प्रदेश) 13 अगस्त 2025 |स्मार्टख़बरी उत्तर प्रदेश न्यूज़ डेस्क
वाराणसी हत्याकांड: मां की अय्याशी ने ले ली मासूम बेटे की जान
सामाजिक बेइज्जती के डर ने एक मां को इतना निर्दयी बना दिया कि उसने अपने ही 10 साल के मासूम बेटे की हत्या करवा दी। धर्म की नगरी वाराणसी के रामनगर में हुए इस हत्याकांड ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया।
वाराणसी हत्याकांड: क्या है पूरा मामला?
वाराणसी के मच्छरहट्टा इलाके में एक दिल दहलाने वाली घटना सामने आई है। यहां 10 साल के सूरज शर्मा की हत्या का खुलासा तब हुआ, जब उसके चाचा ने पुलिस को उसकी मां सोना और उसके प्रेमी फैजान के अवैध संबंधों की जानकारी दी। सूरज ने अपनी मां को फैजान के साथ आपत्तिजनक हालत में देख लिया था, जिसके बाद सामाजिक बदनामी के डर से सोना ने अपने ही बेटे को रास्ते से हटाने का प्लान बनाया। इस वाराणसी हत्याकांड ने न सिर्फ परिवार को तोड़ा, बल्कि समाज में कई सवाल भी खड़े कर दिए।
मासूम सूरज की दिल दहला देनी वाली हत्या का प्लान
पुलिस द्वारा की गई पूछताछ में फैजान ने बताया कि सोमवार शाम 4 बजे सूरज कोचिंग गया था। शाम 6 बजे घर लौटने के बाद वह खेलने के लिए बाहर निकला। फैजान को सूरज की दिनचर्या पहले से पता थी। उसने अपने दोस्त राशिद के साथ मिलकर सूरज को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। दोनों बच्चे को बावन बीघा मैदान ले गए, जो सूरज के घर से करीब 6 किलोमीटर दूर है। वहां घनी झाड़ियों के बीच फैजान ने सूरज का गला दबाकर उसकी हत्या कर दी, जबकि राशिद आसपास निगरानी करता रहा। इसके बाद शव को झाड़ियों में छिपा दिया गया।
मां ने रची अपहरण की साजिश
हत्या के बाद सोना ने अपहरण का ड्रामा रचा। सोमवार रात 9 बजे उसने हल्ला मचाया कि सूरज घर नहीं लौटा। लेकिन उसने बच्चे को ढूंढने की कोई खास कोशिश नहीं की। सूरज के चाचा-चाची रातभर उसे तलाशते रहे, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।
मंगलवार सुबह परिवार थाने पहुंचा और गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। चाचा ने पुलिस को बताया कि उनकी भाभी सोना का फैजान के साथ अवैध संबंध है। चाचा का कहना था कि उनके भाई की 2 साल पहले सड़क हादसे में मौत हो चुकी है, और तब से सोना और फैजान के बीच नजदीकियां बढ़ गई थीं।
पुलिस की कार्रवाई और मुठभेड़
चाचा की शिकायत के बाद पुलिस ने फैजान को हिरासत में लिया। सख्त पूछताछ में फैजान टूट गया और उसने हत्या की पूरी कहानी बयां कर दी। उसने बताया कि सूरज ने उसे और सोना को एक साथ देख लिया था, जिसके बाद सोना को सामाजिक बेइज्जती का डर सताने लगा।
पुलिस फैजान को लेकर बावन बीघा मैदान पहुंची, जहां से सूरज की लाश बरामद की गई। लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई। क्राइम सीन से लौटते वक्त फैजान ने दरोगा की पिस्टल छीनकर भागने की कोशिश की। उसने पुलिस पर हमला भी किया। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने फैजान के दाहिने पैर में गोली मार कर दोबारा उसे गिरफ्तार कर लिया।
राशिद की भूमिका और सोना की चुप्पी
फैजान ने अपने दोस्त राशिद की भूमिका भी उजागर की, जो हत्या के दौरान निगरानी कर रहा था। पुलिस ने राशिद को भी हिरासत में लिया है। हालांकि, सोना ने इस मामले में ज्यादा कुछ नहीं कहा।
ADCP सरवणन टी. ने बताया कि गुमशुदगी की शिकायत के आधार पर केस दर्ज किया गया था, जिसमें अब हत्या और अपहरण की धाराएं जोड़ी गई हैं। अगर परिवार सोना और राशिद के खिलाफ नई शिकायत देता है, तो उनके नाम भी केस में शामिल किए जाएंगे। अन्यथा, दोनों को साजिश रचने के आरोपी के तौर पर चार्ज किया जाएगा।
परिवार का दर्द और सामाजिक सवाल
सूरज की मां सोना, उसकी 5 साल की बहन, और परिवार अब सदमे में है। सूरज के पिता की 2 साल पहले सड़क हादसे में मौत हो चुकी थी। इसके बाद सोना का गोलाघाट निवासी फैजान के साथ अफेयर शुरू हुआ। पड़ोसियों का कहना है कि फैजान अक्सर सोना के घर आता-जाता था। इस हत्याकांड ने न सिर्फ परिवार को तोड़ा, बल्कि समाज में कई सवाल खड़े कर दिए। आखिर एक मां अपने बच्चे के खिलाफ इतना क्रूर कदम कैसे उठा सकती है? क्या सामाजिक बेइज्जती का डर इतना बड़ा हो सकता है कि एक मासूम की जान ले ली जाए?
पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर रही है। ACP कोतवाली प्रज्ञा पाठक ने बताया कि सभी सबूतों को खंगाला जा रहा है। फैजान और राशिद से पूछताछ जारी है, और सोना की भूमिका की भी जांच की जा रही है। वाराणसी हत्याकांड ने पूरे शहर में सनसनी फैला दी है। लोग इस घटना पर गुस्सा और दुख जाहिर कर रहे हैं।