लखनऊ (उत्तर प्रदेश) 16 अगस्त: लखनऊ के इंदिरा नगर में एक दिल दहला देने वाली घटना ने सबको चौंका दिया। एक महिला ने अपने शराबी पति की गला दबाकर हत्या कर दी और फिर फरार हो गई।
लखनऊ इंदिरा नगर हत्याकांड की यह वारदात गुरुवार-शुक्रवार की रात चांदन गांव में नानी होटल के पास हुई। मछरेहटा, सीतापुर के रहने वाले मौजी लाल (35) की उनकी पत्नी सरोजिनी देवी ने गला दबाकर हत्या कर दी। शराब के नशे में धुत मौजी की हरकतों से तंग आ चुकी सरोजिनी ने आखिरकार यह खौफनाक कदम उठाया। पुलिस ने शनिवार दोपहर बजरंग चौराहे के पास से सरोजिनी को गिरफ्तार कर लिया। लेकिन इस हत्याकांड के पीछे की कहानी सिर्फ शराब की लत तक सीमित नहीं है। आइए, इस घटना की तह तक जाते हैं और जानते हैं कि आखिर क्या हुआ उस रात।
क्या हुआ उस रात?
मौजी लाल, जो कबाड़ का काम करता था, अपनी पत्नी सरोजिनी देवी और छोटी बेटी रोली के साथ इंदिरा नगर के चांदन गांव में किराए के मकान में रहता था। गुरुवार-शुक्रवार की रात करीब एक बजे मौजी शराब के नशे में धुत घर लौटा। इंस्पेक्टर इंदिरा नगर के मुताबिक, मौजी की शराब की लत की वजह से पति-पत्नी में अक्सर झगड़ा होता था। उस रात भी मौजी ने सरोजिनी के साथ मारपीट शुरू कर दी। गुस्से में आकर सरोजिनी ने मौजी का गला दबा दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हत्या के बाद सरोजिनी मौके से फरार हो गई।
अगली सुबह मौजी के पिता मेडूलाल को इस घटना की खबर मिली। उन्होंने तुरंत इंदिरा नगर थाने में शिकायत दर्ज की। पुलिस ने तफ्तीश शुरू की और महज 24 घंटे के भीतर शनिवार दोपहर करीब एक बजे सरोजिनी को बजरंग चौराहे के पास से गिरफ्तार कर लिया। मौजी के शव का पोस्टमॉर्टम कराकर उसे परिजनों को सौंप दिया गया।
शराब की लत और घरेलू हिंसा की कहानी
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि मौजी लाल की शराब की लत इस हत्याकांड की सबसे बड़ी वजह थी। इंस्पेक्टर इंदिरा नगर ने बताया, “मौजी शराब के नशे में अक्सर सरोजिनी के साथ मारपीट करता था। सरोजिनी भी कई बार जवाब में उसे पीटती थी। घटना वाली रात भी दोनों के बीच झगड़ा हुआ, जो इस हद तक बढ़ गया कि सरोजिनी ने गुस्से में मौजी का गला दबा दिया।”
मौजी के बेटे अंकुल ने भी इस बात की पुष्टि की। उसने बताया, “पापा शराब पीकर मम्मी के साथ मारपीट करते थे। इस वजह से दोनों में तनाव रहता था।” लेकिन इस कहानी में एक और मोड़ है, जो इस हत्याकांड को और जटिल बनाता है।
अर्जुन यादव और टूटा मोबाइल: दूसरा कोण
मौजी और सरोजिनी के बीच तनाव की एक और वजह थी—सुगामऊ के रहने वाले अर्जुन यादव। अंकुल ने बताया कि उसकी मां सरोजिनी की अर्जुन से फोन पर बातचीत होती थी, जिसे लेकर मौजी और सरोजिनी में अक्सर झगड़ा होता था। करीब एक साल पहले मौजी ने सरोजिनी को अर्जुन से बात करते हुए पकड़ लिया था और गुस्से में उसका मोबाइल तोड़ दिया था। लेकिन इसके बावजूद सरोजिनी की अर्जुन से बातचीत जारी रही।
अंकुल ने यह भी खुलासा किया कि 14 अगस्त को सरोजिनी ने उसे खेत की देखरेख के बहाने गांव भेज दिया था। इसके बाद उसी रात 1:30 बजे पड़ोसियों ने मौजी की हत्या की खबर दी। पुलिस इस कोण की भी जांच कर रही है कि क्या अर्जुन यादव का इस हत्याकांड में कोई रोल था, लेकिन अभी तक इसकी पुष्टि नहीं हुई है।
चार बच्चों का भविष्य अधर में
मौजी और सरोजिनी के चार बच्चे हैं। तीन बच्चे मछरेहटा, सीतापुर में अपने दादा-दादी के साथ रहते हैं, जबकि छोटी बेटी रोली उनके साथ लखनऊ में थी। इस हत्याकांड ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया। मौजी के पिता मेडूलाल ने रोते हुए कहा, “मेरा बेटा शराबी था, लेकिन उसे मार डालने की क्या जरूरत थी? अब मेरे पोते-पोतियों का क्या होगा?”
पड़ोसियों का कहना है कि मौजी और सरोजिनी का झगड़ा आम बात थी। चांदन गांव के एक निवासी रामू ने बताया, “मौजी रात को शराब पीकर घर आता था और गाली-गलौज करता था। सरोजिनी भी कम नहीं थी, वो भी जवाब में हाथ उठा देती थी। लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि बात इतनी बढ़ जाएगी।”
पुलिस की कार्रवाई और जांच
इंदिरा नगर पुलिस ने इस मामले में तेजी दिखाते हुए 24 घंटे के भीतर सरोजिनी को गिरफ्तार कर लिया। इंस्पेक्टर ने बताया कि सरोजिनी ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है। उसने कहा, “मैं मौजी की मारपीट से तंग आ चुकी थी। उस रात उसने फिर मुझे पीटा, और गुस्से में मैंने उसका गला दबा दिया।”
पुलिस ने मौजी के शव का पोस्टमॉर्टम कराया, जिसमें गला दबने से मौत की पुष्टि हुई। शव को परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि क्या इस हत्याकांड में कोई और व्यक्ति शामिल था। अर्जुन यादव से भी पूछताछ की जा रही है, लेकिन अभी तक कोई ठोस सबूत नहीं मिला है।