नई दिल्ली, 19 फरवरी। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने गुरुवार को कहा कि 28 जनवरी को बारामती प्लेन क्रैश की जांच पर प्रारंभिक रिपोर्ट हादसे के 30 दिनों के भीतर जारी की जाएगी। ऐसे में 27 फरवरी तक जांच रिपोर्ट जारी होने की उम्मीद है।
अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन के नियमों के अनुसार यह रिपोर्ट जारी होगी, जबकि अंतिम रिपोर्ट बाद में दी जाएगी। इस हादसे में अजित पवार समेत विमान में सवार अन्य लोगों की मौत हो गई थी।
मंत्रालय के अनुसार, विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो इस हादसे की जांच तकनीकी और सबूतों के आधार पर कर रहा है। इसमें विमान के मलबे की जांच, संचालन और रखरखाव से जुड़े रिकॉर्ड की जांच और जरूरत पड़ने पर उपकरणों की लैब में जांच शामिल है।
विमान में दो फ्लाइट रिकॉर्डर लगे थे। डिजिटल फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर को नई दिल्ली स्थित एएआईबी केंद्र में सफलतापूर्वक डाउनलोड कर लिया गया है। वहीं, कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर को आग और गर्मी से नुकसान पहुंचा है। यह रिकॉर्डर हनीवेल कंपनी का बना हुआ है, इसलिए इसकी जांच के लिए अंतरराष्ट्रीय नियमों के तहत संबंधित देश से तकनीकी मदद मांगी गई है।
मंत्रालय ने बताया कि वर्ष 2025 में नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने गैर-अनुसूचित विमान ऑपरेटरों के 51 ऑडिट किए थे। इसके अलावा वीएसआर वेंचर्स की उड़ान सुरक्षा, ड्यूटी समय सीमा, रखरखाव, दस्तावेज और अन्य व्यवस्थाओं की भी जांच की गई थी और सभी कमियों को ठीक कर लिया गया था।
हादसे के बाद नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने डीजीसीए को वीएसआर वेंचर्स की विशेष जांच करने का निर्देश दिया। इस जांच में सुरक्षा व्यवस्था, संचालन प्रणाली, रखरखाव प्रक्रिया, पायलट प्रशिक्षण और फ्लाइट रिकॉर्डर की निगरानी जैसे सभी पहलुओं की समीक्षा की जा रही है। यह जांच 4 फरवरी से शुरू हुई और जल्द पूरी होने की उम्मीद है। जांच पूरी होने के बाद नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
इसके अलावा, डीजीसीए को वीआईपी और वीवीआईपी उड़ान संचालित करने वाले अन्य ऑपरेटरों और हवाई अड्डों की भी विशेष जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। मंत्रालय ने कहा कि जांच पूरी पारदर्शिता और सुरक्षा मानकों के अनुसार की जा रही है और सभी संबंधित पक्षों से अपील की गई है कि वे किसी तरह की अटकलों से बचें और जांच पूरी होने का इंतजार करें।