कोलकाता, 19 फरवरी। इस साल पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव होने हैं। चुनाव को लेकर राजनीतिक पार्टियां अपनी-अपनी तैयारी में जुट गई हैं। इसे लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के बीच जुबानी जंग जारी है।
चुनाव से पहले राजनीतिक पार्टियां अपने-अपने समीकरण भी साध रही हैं। बंगाल में होने वाले चुनाव से पहले भाजपा के पूर्व विधायक बिष्णु प्रसाद शर्मा ने टीएमसी का दामन थाम लिया। उनके टीएमसी में शामिल होने को लेकर भाजपा के नेता देबजीत सरकार का बयान सामने आया है।
देबजीत सरकार ने कहा कि बिष्णु प्रसाद शर्मा के टीएमसी में शामिल होने से भाजपा को कोई फर्क नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि जो गोरखालैंड के बारे में बातचीत करते हैं, जिसके ऊपर लगातार उत्तर बंगाल को बंगाल से अलग करने का आरोप है, वो अब एक ही साथ बैठ रहे हैं। इस विचार को बंगाल की जनता रिजेक्ट करेगी। बंगाल की जनता उनके साथ नहीं है। उनकी कोई नीति और विचारधारा नहीं है। उन्होंने कहा कि बिष्णु क्यों गए, कैसे गए, टीएमसी में उनका क्या हाल होगा? ये बताने में कोई देर नहीं लगेगी।
उन्होंने कहा कि हमलोग जानते हैं कि भाजपा को छोड़कर जो टीएमसी में गए, उनका हाल क्या है? उत्तर बंगाल की जनता के सुख-दुख को लेकर हमको लड़ना है। गंगोत्री से गंगासागर तक डबल इंजन की एक ही सरकार होगी। उन्होंने दावा किया कि चुनाव के बाद बंगाल में भाजपा की सरकार बनेगी। सारी परेशानियों को दूर किया जाएगा। उन्होंने टीएमसी पर निशाना साधते हुए कहा कि टीएमसी को एक ऐसा भी बॉक्स रखना चाहिए कि वो क्या-क्या किए हैं, जनता का कितना शोषण किया है? इसका भी प्रार्थना पत्र देना चाहिए।
देबजीत सरकार ने टीएमसी के टिकट वितरण प्रक्रिया पर सवाल करते हुए कहा कि वो किसके ऊपर अत्याचार किए हैं, कैसे वो गोली की व्यवस्था कर सकते हैं? गुंडागर्दी करने का क्या इतिहास है, किस-किस गुंडे के गॉडफादर बन चुके हैं? इस पर नंबर आएगा, तब उनको टीएमसी का टिकट मिलेगा।