भबानीपुर: इतिहास से जुड़ी ममता की निर्णायक जीत! 2026 में क्या फिर संकटमोचक बनेगा ये चुनावी गढ़

बंगाल चुनाव 2026: ममता बनर्जी के लिए हर बार मुसीबत में मददगार बना भबानीपुर, इस बार कितने बदलेंगे राजनीतिक समीकरण?


कोलकाता, 19 फरवरी। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के बीचोबीच बसा एक ऐसा विधानसभा क्षेत्र, जहां स्वतंत्रता सेनानियों से लेकर शिक्षाविदों और राजनीतिज्ञों का घर रहा, वहां 2026 की चुनावी लड़ाई पूरे राज्य में सबसे महत्वपूर्ण होगी। कोलकाता नगर निगम के 8 वार्डों को खुद में समेटने वाला यह विधानसभा क्षेत्र भबानीपुर है, जिसे भवानीपुर भी कहा जाता है।

इतिहास के पन्नों में भबानीपुर की गाथा बंगाल के लिए गर्व से भरी है। नेताजी सुभाष चंद्र बोस, देशबंधु चित्तरंजन दास, श्यामा प्रसाद मुखर्जी, सिद्धार्थ शंकर रे, सत्यजीत रे, गुरु दत्त जैसी अनेकों हस्तियों के लिए भबानीपुर उनका घर था। आज भी कालीघाट मंदिर और सुभाष चंद्र बोस का पुश्तैनी घर (नेताजी भवन) इस विधानसभा क्षेत्र के इतिहास को दर्शाते हैं। फोरम कोर्टयार्ड मॉल, बिड़ला मंदिर और मशहूर विक्टोरिया मेमोरियल जैसे स्थान भी भबानीपुर की पहचान हैं।

कोलकाता में खेलों को पहचान देने वाला ईडन गार्डन्स स्टेडियम हो या पार्क स्ट्रीट, इनकी नजदीकियां भी भबानीपुर विधानसभा क्षेत्र को लाभ पहुंचाती हैं। इतिहास के पन्नों में भबानीपुर एक गांव हुआ करता था, जब वह ब्रिटिश किलेबंदी के बाहर था, जो 1717 और 1758 में मेट्रोपोलिस का हिस्सा बन गया।

पारंपरिक बिजनेस, ऑफिस, मॉडर्न रिटेल, कैफे, एजुकेशनल इंस्टिट्यूशन और सर्विस सेंटर भबानीपुर की अर्थव्यवस्था को मजबूत करते हैं, जबकि वर्तमान में भबानीपुर की राजनीति पूरे बंगाल को कंट्रोल करती है, क्योंकि यह मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का विधानसभा क्षेत्र है और तृणमूल कांग्रेस पार्टी का सबसे मजबूत गढ़ है।

2011 के बाद से टीएमसी भबानीपुर में चुनाव नहीं हारी है। इसके पहले यहां दशकों तक किसी भी राजनीतिक दल को दो से अधिक बार जीत नहीं मिली। 2011 की तरह 2021 के उपचुनाव में ममता बनर्जी ने भबानीपुर में परचम लहराया। दिलचस्प यह है कि दोनों उपचुनावों में ममता बनर्जी को मुख्यमंत्री बनाने के लिए इस सीट को खाली किया गया।

2011 के उपचुनाव में सुब्रत बख्शी टीएमसी से जीतकर आए थे, लेकिन ममता बनर्जी के मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने इस सीट को खाली कर दिया। इसके बाद जब 2021 में ममता बनर्जी नंदीग्राम से हारीं, तो सोवनदेब चटर्जी ने टीएमसी के टिकट पर भबानीपुर से जीत हासिल की थी, जिन्होंने बाद में ममता बनर्जी के लिए ही इस सीट से इस्तीफा दे दिया।

बहरहाल, 2026 के चुनावों को लेकर भबानीपुर में तैयारियां तेज हो चुकी हैं और देखना दिलचस्प होगा कि सीएम ममता बनर्जी यहां से चुनाव लड़ती हैं या अपने किसी सिपहसालार को मैदान में उतारेंगी।
 
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