बारामती लियरजेट दुर्घटना जांच में बड़ी प्रगति: AAIB ने सफलतापूर्वक DFDR डेटा डाउनलोड किया, खुलेंगे कई राज

बारामती लियरजेट दुर्घटना : एएआईबी ने डीएफडीआर सफलतापूर्वक डाउनलोड किया


नई दिल्ली, 19 फरवरी। नागरिक उड्डयन मंत्रालय (एमसीए) ने बारामती में 28 जनवरी 2026 को हुए लियरजेट 45 (रजिस्ट्रेशन वीटी-एसएसके) दुर्घटना की जांच पर महत्वपूर्ण अपडेट जारी किया है। एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (एएआईबी) द्वारा जांच एयरक्राफ्ट (एक्सीडेंट और घटनाओं की जांच) नियम, 2025 और आईसीएक्यू एनेक्स 13 के मानकों और अनुशंसित प्रथाओं (एसएआरपी) के अनुसार पूरी निष्पक्षता और पारदर्शिता से चल रही है।

दुर्घटना वाले एयरक्राफ्ट में दो स्वतंत्र फ्लाइट रिकॉर्डर लगे थे। एल3 कम्युनिकेशंस द्वारा निर्मित डिजिटल फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (डीएफडीआर) को नई दिल्ली स्थित एएआईबी की सुविधा में सफलतापूर्वक डाउनलोड कर लिया गया है। हालांकि कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (सीवीआर) को थर्मल क्षति पहुंची थी। चूंकि सीवीआर हनीवेल कंपनी द्वारा बनाया गया था, इसलिए आईसीएओ एनेक्स 13 के पैरा 5.7 और अटैचमेंट 'डी' के प्रावधानों के तहत डिजाइन/निर्माण राज्य (अमेरिका) से तकनीकी सहायता मांगी गई है।

एएआईबी की जांच पूरी तरह तकनीकी सबूतों पर आधारित है। इसमें मलबे की व्यवस्थित जांच, ऑपरेशनल और मेंटेनेंस रिकॉर्ड की समीक्षा और आवश्यकता पड़ने पर कंपोनेंट्स की लैबोरेटरी टेस्टिंग शामिल है। आईसीएओ नियमों के अनुसार घटना के 30 दिनों के भीतर प्रारंभिक रिपोर्ट जारी की जाएगी, जबकि अंतिम रिपोर्ट उचित समय पर प्रकाशित होगी।

ऑपरेटर वेंचर्स की रेगुलेटरी निगरानी पर भी प्रकाश डाला गया है। वर्ष 2025 में डीजीसीए ने नॉन-शेड्यूल्ड ऑपरेटरों के कुल 51 रेगुलेटरी ऑडिट किए थे। वीएसआर वेंचर्स के फ्लाइट सेफ्टी सिस्टम, फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिट, मेंटेनेंस अनुपालन डॉक्यूमेंटेशन और स्टेशन सुविधाओं पर कई बार निगरानी की गई थी। सभी निगरानी निष्कर्षों पर कार्रवाई कर उन्हें बंद किया गया था।

दुर्घटना के बाद मंत्रालय ने डीजीसीए को वीएसआर वेंचर्स का विशेष ऑडिट करने का निर्देश दिया। यह ऑडिट 4 फरवरी 2026 से शुरू हो चुका है और जल्द पूरा होने की उम्मीद है। इसमें रेगुलेटरी अनुपालन, ऑपरेशनल कंट्रोल सिस्टम, मेंटेनेंस प्रैक्टिस, क्रू ट्रेनिंग स्टैंडर्ड, सेफ्टी मैनेजमेंट सिस्टम और सीवीआर/एफडीआर मॉनिटरिंग की गहन समीक्षा की जा रही है। ऑडिट निष्कर्षों की समीक्षा के बाद डीजीसीए की एनफोर्समेंट पॉलिसी के अनुसार उचित कार्रवाई की जाएगी।

इसके अतिरिक्त, मंत्रालय ने डीजीसीए को वीआईपी/वीवीआईपी संचालन में लगे अन्य प्रमुख नॉन-शेड्यूल्ड ऑपरेटरों और संबंधित एयरोड्रोम का भी विशेष ऑडिट करने को कहा है। ये ऑडिट चरणबद्ध तरीके से हो रहे हैं और जहां भी कमी पाई जाएगी, वहां सख्त एनफोर्समेंट एक्शन लिया जाएगा।
 

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