बीजिंग, 19 फरवरी। संयुक्त राष्ट्र में चीन के स्थायी प्रतिनिधि फू त्सोंग ने बुधवार को जापान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उसने थाईवान मामले में हस्तक्षेप किया तो चीन उसे "करारा जवाब" देगा।
संयुक्त राष्ट्र महासभा की एक बैठक में बोलते हुए, फू त्सोंग ने कहा कि जापान के नेता हाल ही में ऐतिहासिक प्रवृत्तियों के खिलाफ जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जापान ने सार्वजनिक रूप से चीन के थाईवान को अपने तथाकथित "राष्ट्रीय उत्तरजीविता संकट" से जोड़ा है और इस बारे में चर्चा की है कि कैसे वह अमेरिका-जापान गठबंधन के आधार पर प्रतिक्रिया कर सकता है। फू त्सोंग ने कहा कि ऐसा करके जापान कथित "सामूहिक आत्मरक्षा के अधिकार" के तहत थाईवान मामले में सैन्य हस्तक्षेप करने की योजना बना रहा है।
फू त्सोंग ने स्पष्ट किया कि जापान के ये तर्क कानूनी रूप से अमान्य हैं और द्वितीय विश्व युद्ध के बाद एक पराजित राष्ट्र के रूप में जापान के अंतर्राष्ट्रीय दायित्वों के खिलाफ हैं। उन्होंने कहा कि ये विचार संयुक्त राष्ट्र चार्टर के बुनियादी सिद्धांतों का उल्लंघन करते हैं और सभी शांतिप्रिय देशों को इसके प्रति सतर्क रहना चाहिए।
फू त्सोंग ने जोर देकर कहा कि जापान किसी भी बहाने से थाईवान मामले में हस्तक्षेप करने के लिए तथाकथित 'सामूहिक आत्मरक्षा के अधिकार' का प्रयोग करता है, यह चीन के खिलाफ आक्रमण होगा। उन्होंने कहा कि चीन ऐसी किसी भी कार्रवाई का करारा जवाब देगा।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)