विकसित भारत की ओर कदम! किरेन रिजिजू ने निगरानी ऐप, हज रिस्टबैंड और AI चैटबॉट का किया अनावरण

किरेन रिजिजू ने निगरानी ऐप, हज रिस्टबैंड और एआई चैटबॉट लॉन्च किए


नई दिल्ली, 19 फरवरी। केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने गुरुवार को प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम (पीएमजेवीके) के तहत अवसंरचना संबंधी कमियों को दूर करने के लिए निगरानी ऐप लॉन्च किया और साथ ही हज रिस्टबैंड और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) चैटबॉट का भी अनावरण किया।

केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने बिहार के नालंदा विश्वविद्यालय में आयोजित 'चिंतन शिविर' के लिए अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय की टीम की सराहना करते हुए कहा कि नालंदा भारत की प्राचीन सभ्यता की विरासत का प्रतीक और उत्कृष्टता का एक प्रमुख केंद्र है।

बयान में आगे कहा गया कि निगरानी ऐप को अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों में अवसंरचना परियोजनाओं की पारदर्शिता, वास्तविक समय की निगरानी और कार्यान्वयन को बढ़ाने के लिए डिजाइन किया गया है। इसका उद्देश्य विकास की कमियों को दूर करना, केंद्र-राज्य समन्वय में सुधार करना और विकसित भारत 2047 को आगे बढ़ाना है।

केंद्रीय मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि 'चिंतन शिविर' की चर्चाओं से केंद्र-राज्य समन्वय को सुव्यवस्थित करने, हितधारकों की भागीदारी बढ़ाने और जमीनी स्तर पर सफल कार्यान्वयन सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

इस कार्यक्रम में केंद्रीय और राज्य मंत्रियों, वरिष्ठ अधिकारियों और संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों ने अल्पसंख्यक कल्याण और सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण के लिए नीति-आधारित रोडमैप पर विचार-विमर्श करने के लिए भाग लिया।

मंत्रालय ने पीएमजेवीके, प्रधानमंत्री विरासत का संवर्धन (पीएम विकास), राष्ट्रीय अल्पसंख्यक विकास एवं वित्त निगम (एनएमडीएफसी), एकीकृत वक्फ प्रबंधन, सशक्तिकरण, दक्षता एवं विकास (यूएमईईडी) केंद्रीय पोर्टल, हज आधुनिकीकरण और डिजिटल पहलों जैसी योजनाओं के माध्यम से अपनी प्रमुख उपलब्धियों को प्रदर्शित किया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के अपने दृष्टिकोण को भी प्रस्तुत किया।

अल्पसंख्यक मामलों के राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन ने कहा कि पीएमजेवीके योजना प्रधानमंत्री मोदी के 'विकसित भारत' के विजन को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

राज्य मंत्री कुरियन ने आगे कहा कि इस योजना ने देश भर के अल्पसंख्यक क्षेत्रों के अवसंरचनात्मक विकास में योगदान दिया है। पीएम विकास, एनएमडीएफसी, उम्मीद केंद्रीय पोर्टल और अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय की हज संबंधी पहल अल्पसंख्यकों के कल्याण और विकास में योगदान दे रही हैं।

अल्पसंख्यक मामलों के सचिव चंद्र शेखर कुमार ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी गणमान्य व्यक्तियों का आभार व्यक्त किया और 'चिंतन शिविर' को सफल बनाने के लिए राज्य सरकार और नालंदा के अधिकारियों की सराहना की।

'चिंतन शिविर' का उद्देश्य 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास' के माध्यम से विकसित भारत के लिए नागरिक सहभागिता सुनिश्चित करना है।
 

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