'आंख मूंदकर परंपराएं मानने में विश्वास नहीं', 'वैष्णवी' के किरदार के जरिए सवाल उठातीं 'बींदणी' फेम श्रेया जैन

'आंख मूंदकर परंपराएं मानने में विश्वास नहीं', 'वैष्णवी' के किरदार के जरिए सवाल उठातीं 'बींदणी' फेम श्रेया जैन


नई दिल्ली, 19 फरवरी। टीवी चैनल सन नियो पर प्रसारित 'प्रथाओं की ओढ़े चुनरी: बींदणी' राजस्थान की पृष्ठभूमि में परंपरा और आधुनिकता के टकराव को दर्शाता है। इस शो में वैष्णवी का किरदार निभा रहीं अभिनेत्री श्रेया जैन इन दिनों दर्शकों के बीच चर्चा में हैं। वह अपनी भूमिका के जरिए खोखली परंपराओं के खिलाफ आवाज उठाती है। उन्होंने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए अपने विचार साझा किए।

'प्रथाओं की ओढ़े चुनरी: बींदणी' में श्रेया जैन 'वैष्णवी' नाम की लड़की का किरदार निभा रही हैं। उन्होंने अपने रोल को लेकर कहा, ''मेरा किरदार वैष्णवी एक ऐसी लड़की है जो परंपराओं का सम्मान करती है, लेकिन आंख मूंदकर उन्हें मानने में विश्वास नहीं रखती। वह आधुनिक सोच की लड़की है, वह सवाल करती है, समझने की कोशिश करती है और बराबरी के रिश्तों की उम्मीद रखती है। मेरा किरदार उन सामाजिक मान्यताओं को चुनौती देता है, जिनमें आज भी महिलाओं को सीमाओं में बांधकर देखा जाता है।''

श्रेया ने कहा, "मेरे किरदार वैष्णवी की सबसे बड़ी ताकत उसकी सोच है। वह रिश्तों में पारदर्शिता चाहती है, बराबरी का अधिकार मांगती है, और यह मानती है कि प्यार या शादी में किसी एक पक्ष को ही सब कुछ जानने या तय करने का हक नहीं हो सकता।"

शो से जुड़ाव को लेकर श्रेया ने कहा, "यह शो मेरे लिए सिर्फ एक प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि भावनात्मक रूप से जुड़ा हुआ अनुभव है। जयपुर मेरी जन्मभूमि है, और राजस्थान की संस्कृति, बोली और माहौल से मैं बचपन से जुड़ी हुई हूं। यही वजह है कि वैष्णवी का किरदार मेरे लिए बिल्कुल भी बनावटी नहीं लगता। यह किरदार मेरे अंदर सहज रूप से भीतर से निकलकर आता है। मैं अपने किरदार को जीती हूं।"

श्रेया ने करियर के बारे में बात करते हुए कहा कि उन्होंने मुंबई में आने का फैसला अचानक नहीं लिया और न ही ये पहले से की गई प्लानिंग थी। उन्होंने कहा, ''जब मैं इस इंडस्ट्री में आई, तब मेरे साथ परिवार का पूरा सपोर्ट था। मैं खुद को भाग्यशाली मानती हूं कि मुझे माता-पिता और परिवार का समर्थन मिला, जो आज मेरी सबसे बड़ी ताकत है। शुरुआती दौर में ऑडिशन, इंतजार और रिजेक्शन का सामना मैंने बहुत किया और ये सब किसी भी कलाकार के सफर का हिस्सा होते ही हैं। मैंने अपने करियर में काफी संघर्ष देखा है।''

करियर में आए पहले बड़े पड़ाव के बारे में पूछने पर उन्होंने बताया कि उनके करियर में अहम मोड़ तब आया, जब उन्हें शो 'उड़ारिया' में लीड रोल निभाने का मौका मिला। यह अनुभव मेरे लिए आज भी खास है, क्योंकि पहली सफलता हमेशा आत्मविश्वास को नई दिशा देती है। इसके बाद धीरे-धीरे मैंने खुद को साबित किया और अब 'बींदणी' जैसे शो में एक मजबूत महिला किरदार के जरिए अपनी पहचान को और पुख्ता कर रही हूं।

कैमरे के सामने अभिनय करने को लेकर श्रेया का मानना है कि कैमरे के सामने आत्मविश्वास समय और अनुभव से आता है, लेकिन हल्की घबराहट हमेशा रहती है। यही घबराहट कलाकार को सतर्क रखती है और हर सीन में बेहतर करने की प्रेरणा देती है।

जब उनसे खुद को तीन शब्दों में बयां करने के लिए कहा गया, तो उन्होंने खुद को मेहनती, संवेदनशील और दयालु इंसान के तौर पर बताया।

फिटनेस के टिप्स देने के सवाल पर श्रेया ने कहा, "मेरे लिए फिट रहने का मतलब है संतुलित खाना और रोजमर्रा की छोटी-छोटी आदतें, जैसे वॉक और योग करना। शरीर और मन दोनों का स्वस्थ रहना जरूरी है, खासकर इस इंडस्ट्री में जहां काम के घंटे लंबे और अनियमित होते हैं।"

इंटरव्यू के दौरान श्रेया ने बताया कि उन्हें स्पेस और एस्ट्रोनॉमी जैसे विषयों में गहरी रुचि है। खाली समय में वह इन विषयों पर पढ़ना पसंद करती हैं।

अभिनय की प्रेरणा की बात करें तो श्रेया उन कलाकारों से प्रभावित हैं जिनकी एक्टिंग में गहराई और विविधता दिखती है। वह मानती हैं कि अच्छे कलाकार को देखकर सीखने की प्रक्रिया कभी खत्म नहीं होती।
 

Latest Replies

Trending Content

Forum statistics

Threads
8,573
Messages
8,605
Members
19
Latest member
Jessantict5434
Back
Top