एंथ्रोपिक ट्रेडमार्क विवाद ने पकड़ा तूल: भारतीय संस्थापक ने अमेरिकी कंपनी पर उल्लंघन का आरोप लगा, सरकार से मांगी मदद

भारत में 'एंथ्रोपिक' स्टार्टअप के संस्थापक ने अमेरिकी कंपनी द्वारा ट्रेडमार्क उल्लंघन के मामले में सरकार से मांगी मदद


नई दिल्ली, 19 फरवरी। भारत में आयोजित 'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट' के दौरान एंथ्रोपिक के सीईओ डारियो अमोदेई ने एकतरफ देश को वैश्विक परिदृश्य का आधारशिला बताया। दूसरी तरफ स्टार्टअप एंथ्रोपिक सॉफ्टवेयर के मालिक और संस्थापक मोहम्मद अय्याज मुल्ला ने गुरुवार को सरकार से अपने ब्रांड का नाम वापस पाने के लिए मदद मांगी।

मुल्ला का कहना है कि अमेरिकी कंपनी के कथित ट्रेडमार्क उल्लंघन के कारण उन्हें भारी नुकसान हुआ है।

मुल्ला ने समाचार एजेंसी आईएएनएस को बताया कि उन्होंने 2017 में केंद्रीय कारपोरेट कार्य मंत्रालय में एंथ्रोपिक सॉफ्टवेयर को पंजीकृत कराया था, और साथ ही 2017 में ही 'स्टार्टअप इंडिया' और स्टार्टअप कर्नाटक के तहत भी अपना नाम दर्ज कराया था।

उन्होंने कहा, "हमें अपने एक पेटेंटेड उत्पाद के लिए सरकार से फंडिंग भी मिली थी। हमें 2018 में पेटेंट मिला... हमें 2021 में सरकार से एक ऑर्डर प्राप्त हुआ। हम शिक्षा प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं, जहां हम ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करके उन्हें मुख्यधारा में लाने के लिए काम करते हैं।"

इस सप्ताह की शुरुआत में, कर्नाटक के बेलगावी स्थित एक वाणिज्यिक न्यायालय ने अमेरिकी एआई कंपनी एंथ्रोपिक को ट्रेडमार्क उल्लंघन के मामले में नया समन जारी किया था।

यह आदेश सोमवार को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मंजुनाथ नायक ने पारित किया, क्योंकि अमेरिकी कंपनी के प्रतिनिधि 16 फरवरी को पहले से जारी समन के बावजूद न्यायालय में उपस्थित नहीं हुए थे।

बेलगावी की कंपनी एंथ्रोपिक सॉफ्टवेयर ने अमेरिकी कंपनी को "एंथ्रोपिक" या किसी अन्य समान या भ्रामक रूप से मिलते-जुलते ट्रेडमार्क का उपयोग करके प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कंपनी से संबद्ध होने का दावा करने से रोकने के लिए अस्थायी निषेधाज्ञा की मांग की है।

मुल्ला ने आईएएनएस को बताया कि पिछले साल 25 अगस्त को, “हमें सीधे तौर पर नहीं, बल्कि अपने क्लाउड वेंडर के माध्यम से एक कानूनी नोटिस मिला, जिसमें हमसे एंथ्रोपिक नाम का इस्तेमाल बंद करने को कहा गया था।”

उन्होंने बताया, “हमें सभी सेवाएं तुरंत बंद करने के लिए कहा गया था। लेकिन हमने उन्हें जवाब दिया कि हम उनके पास पंजीकृत कंपनी हैं और हमने सभी कानूनी दस्तावेजों और प्रक्रियाओं का पालन किया है। एक महीने तक बातचीत चली, और फिर वे चुप हो गए।”

इसके बाद, अमेरिका स्थित एंथ्रोपिक ने दिसंबर में घोषणा की कि वे भारत आ रहे हैं और 2026 में अपना कारोबार स्थापित करेंगे।

जनवरी में, एंथ्रोपिक ने भारत में अपना पहला कार्यालय खोलने की तैयारी के तहत इरिना घोष को भारत बाजार के लिए प्रबंध निदेशक नियुक्त करने की घोषणा की है। इस सप्ताह, कंपनी ने बेंगलुरु में अपना कार्यालय खोलने की घोषणा की है, जो टोक्यो के बाद एशिया में उसका दूसरा कार्यालय है, और वह विभिन्न पदों के लिए स्थानीय प्रतिभाओं को नियुक्त करने पर ध्यान केंद्रित करेगी।

मुल्ला के अनुसार, नाम को लेकर बाजार में फैली भ्रांति के कारण उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।

उन्होंने आईएएनएस को बताया,“मेरी वेबसाइट का ट्रैफिक उन्हीं के पास जा रहा है, और जब लोग एंथ्रोपिक सर्च करते हैं, तो वे उन्हीं की वेबसाइट पर पहुंचते हैं। हमारे 500 से अधिक शिक्षण संस्थान ग्राहक हैं। हमारे ऐप्स भी हैं। छात्र और अभिभावक दोनों ही इनका इस्तेमाल करते हैं।”

'एंथ्रोपिक' मामले में अगली सुनवाई 9 मार्च को है।

मुल्ला ने आईएएनएस को बताया, “उन्हें हमारे नाम से जुड़ी हर चीज वापस ले लेनी चाहिए, इसीलिए हम अदालत गए हैं। अगर सरकार स्टार्टअप इकोसिस्टम को बढ़ावा देना चाहती है, तो उसे स्टार्टअप्स के अधिकारों की रक्षा करनी चाहिए। मुझे न्यायपालिका और सरकार दोनों पर पूरा भरोसा है।”
 
Similar content Most view View more

Latest Replies

Forum statistics

Threads
16,711
Messages
16,748
Members
20
Latest member
7519202689
Back
Top