दिल्ली हाईकोर्ट का सरकार से सवाल: निजी स्कूलों की ऑडिट का दावा तो किया, पर रिपोर्ट क्यों नहीं सार्वजनिक की

सरकार ने निजी स्कूलों की ऑडिट का दावा किया, लेकिन रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की: सौरभ भारद्वाज


नई दिल्ली, 18 फरवरी। राजधानी में निजी स्कूलों की फीस बढ़ोतरी और ऑडिट रिपोर्ट को सार्वजनिक न किए जाने के मुद्दे पर अभिभावकों को बड़ी राहत मिली है। दिल्ली हाईकोर्ट ने 1681 निजी स्कूलों की ऑडिट रिपोर्ट को लेकर दिल्ली सरकार को नोटिस जारी किया है।

कोर्ट ने सरकार से पूछा कि पूर्व में ऑडिट रिपोर्ट सार्वजनिक करने की व्यवस्था के बावजूद वर्तमान सरकार ने इन रिपोर्टों को वेबसाइट पर अपलोड क्यों नहीं किया और उनके आधार पर क्या कार्रवाई की गई।

इस मामले को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) के वरिष्ठ नेता सौरभ भारद्वाज ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि यह अभिभावकों और मध्यम वर्ग की बड़ी जीत है। उनका आरोप है कि सरकार ने निजी स्कूलों की ऑडिट कराने का दावा तो किया, लेकिन रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं किया और न ही किसी स्कूल के खिलाफ ठोस कार्रवाई की।

भारद्वाज ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और शिक्षा मंत्री आशीष सूद से सवाल करते हुए पूछा कि आखिर ऑडिट रिपोर्ट को सार्वजनिक क्यों नहीं किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने सभी स्कूलों की ऑडिट पूरी कर ली है तो उसे वेबसाइट पर डालने में क्या परेशानी है? उन्होंने आरोप लगाया कि विधानसभा में भी इस संबंध में पूछे गए सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया।

सौरभ भारद्वाज ने कहा कि सरकार ने सत्ता में आते ही घोषणा की थी कि वह सभी निजी स्कूलों की ऑडिट कराएगी और अनियमितता पाए जाने पर कार्रवाई करेगी। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी सरकार हर वर्ष सीमित संख्या में स्कूलों की ऑडिट कराती थी और रिपोर्ट सार्वजनिक करती थी, लेकिन वर्तमान सरकार ने व्यापक ऑडिट का दावा करने के बावजूद पारदर्शिता नहीं दिखाई।

बताया गया है कि इस संबंध में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने सरकार से स्पष्ट जवाब मांगा है कि 1681 स्कूलों की ऑडिट रिपोर्ट का क्या हुआ और उन्हें सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया। अदालत के नोटिस के बाद अब सरकार को निर्धारित समय में जवाब दाखिल करना होगा। राजनीतिक रूप से यह मुद्दा तूल पकड़ता जा रहा है।

आम आदमी पार्टी ने इसे अभिभावकों की लड़ाई बताया है और कहा है कि वह जनता के साथ खड़ी रहेगी। वहीं, अब सबकी निगाहें सरकार के जवाब पर टिकी हैं कि वह कोर्ट में क्या पक्ष रखती है और आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।
 

Similar threads

Latest Replies

Trending Content

Forum statistics

Threads
8,267
Messages
8,299
Members
19
Latest member
Jessantict5434
Back
Top