उत्तराखंड NH-74 भूमि घोटाले पर ईडी का शिकंजा, 13.89 करोड़ की संपत्ति जब्त, अब आगे क्या

उत्तराखंड : एनएच-74 घोटाले में ईडी की बड़ी कार्रवाई, 13.89 करोड़ की संपत्ति अटैच


देहरादून, 18 फरवरी। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की देहरादून सब-जोनल ऑफिस ने एनएच-74 सड़क चौड़ीकरण घोटाले में प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए), 2002 के तहत लगभग 13.89 करोड़ रुपए की चल और अचल संपत्तियों को प्रोविजनली अटैच कर लिया है। यह कार्रवाई उधम सिंह नगर जिले के पंतनगर पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर के आधार पर की गई जांच के दौरान सामने आए धोखाधड़ी के सबूतों पर आधारित है।

ईडी की जांच में पता चला कि दिलबाग सिंह, जरनैल सिंह (पुत्र सुंदर सिंह), बलजीत कौर (पत्नी प्रताप सिंह) और दलविंदर सिंह (पुत्र प्रताप सिंह) ने उत्तर प्रदेश जमींदारी उन्मूलन एवं भूमि सुधार अधिनियम, 1950 की धारा 143 के पुराने आदेश पास करवा लिए। बाद में राजस्व अधिकारियों और बिचौलियों की मिलीभगत से इन्हें बाद की तारीख में राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज करवा लिया गया।

इस आधार पर एनएच-74 को चौड़ा करने के लिए गैर-कृषि दर पर ली जा रही अपनी जमीन के मुआवजे के रूप में उन्होंने धोखे से 26,02,83,930 रुपए का अतिरिक्त मुआवजा हासिल किया। इससे सरकार को भारी वित्तीय नुकसान हुआ और आरोपियों को अनुचित लाभ मिला।

पीएमएलए जांच से सामने आया कि इस गलत तरीके से कमाए गए पैसे का इस्तेमाल आरोपियों के नाम पर अचल संपत्तियां खरीदने या उनके और रिश्तेदारों के बैंक खातों में ट्रांसफर करने में किया गया। प्रॉपर्टी ऑफ क्राइम (पीओसी) की पहचान के बाद ईडी ने 13.89 करोड़ रुपए की संपत्तियों के लिए प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर जारी किया, जिसमें जमीन, भवन और बैंक बैलेंस जैसी चल-अचल संपत्तियां शामिल हैं।

ईडी ने इस मामले में पहले भी तीन प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर जारी किए हैं। अलग-अलग आरोपियों के खिलाफ स्पेशल कोर्ट (पीएमएलए), देहरादून में सात अभियोजन शिकायतें दायर की जा चुकी हैं। यह घोटाला लंबे समय से जांच के दायरे में है, जहां भूमि अधिग्रहण के दौरान गैर-कृषि दर पर अधिक मुआवजा देने की साजिश का खुलासा हुआ था। इससे सरकारी खजाने को करोड़ों का नुकसान हुआ।

एनएच-74 (अब एनएच-9 का हिस्सा) उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में महत्वपूर्ण राजमार्ग है, जिसके चौड़ीकरण के लिए भूमि अधिग्रहण 2010 के दशक में हुआ था। घोटाले में राजस्व अधिकारी, किसान और बिचौलिए शामिल थे, जिन्होंने बैकडेटेड ऑर्डर से कृषि भूमि को गैर-कृषि दिखाकर अधिक मुआवजा लिया। ईडी की जांच से मनी लॉन्ड्रिंग के कई लेयर सामने आए हैं, जहां अवैध कमाई को संपत्तियों में बदला गया।

आगे की जांच जारी है। ईडी आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखेगी और अन्य शामिल लोगों की संपत्तियों को भी अटैच करने की प्रक्रिया चल रही है।
 
Similar content Most view View more

Latest Replies

Trending Content

Forum statistics

Threads
16,711
Messages
16,748
Members
20
Latest member
7519202689
Back
Top