नई दिल्ली, 18 फरवरी। सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (सीआरपीएफ) ने अपने जवानों और उनके परिजनों के हित में कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक और कल्याणकारी निर्णय लिए हैं। इन फैसलों का उद्देश्य जवानों की वित्तीय सुरक्षा, चिकित्सा सुविधाओं और सेवा से जुड़ी जरूरतों को बेहतर बनाना है।
सीआरपीएफ ने उन जवानों और उनके आश्रितों को बड़ी राहत दी है जिन्होंने आयुष्मान सीएपीएफ योजना लागू होने से पहले इलाज कराया था। ऐसे मामलों में मेडिकल रीइंबर्समेंट क्लेम को प्रोसेस करने के लिए एक बार की विशेष छूट दी गई है। इसके अलावा, जिन शहीद या दिवंगत जवानों का ई-केवाईसी पूरा नहीं हो सका था और जिनके आयुष्मान सीएपीएफ कार्ड जारी नहीं हो पाए थे, उनके मेडिकल दावों की मैनुअल या फिजिकल प्रक्रिया से जांच और निपटान की अनुमति दी गई है।
सीआरपीएफ ने आवास भत्ते को लेकर भी अहम फैसला लिया है। गुजरात के गांधीनगर स्थित सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर लेखावाड़ा में तैनात जवानों को 1 नवंबर 2023 से 20 जनवरी 2025 तक की अवधि के लिए एक्स-क्लास सिटी रेट के अनुसार हाउस रेंट अलाउंस (एचआरए) देने को मंजूरी दी गई है। इसके साथ ही कश्मीर घाटी में तैनात उन जवानों के लिए, जो हवाई यात्रा सुविधा के पात्र नहीं थे, यह सुविधा 4 फरवरी 2026 तक बढ़ा दी गई है।
जवानों की वित्तीय सुरक्षा को मजबूत करने के लिए सीआरपीएफ ने कई सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इनमें भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, पंजाब एंड सिंध बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा और बैंक ऑफ इंडिया शामिल हैं। इन समझौतों के जरिए जवानों को बेहतर बैंकिंग सेवाएं और विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
इसके अलावा, 8 मई 2025 को सीआरपीएफ ने भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) के साथ भी एक समझौता किया है, जिसके तहत सभी सीएपीएफ जवानों को पैक्ड फूड उपलब्ध कराया जाएगा।
सीआरपीएफ का कहना है कि ये सभी फैसले जवानों के कल्याण और उनके परिवारों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिए गए हैं, ताकि वे पूरी निष्ठा के साथ देश सेवा कर सकें।