भोपाल, 18 फरवरी। मध्य प्रदेश विधानसभा में पेश किए गए बजट को लेकर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि यह बजट मध्य प्रदेश को सुखी, समृद्ध और संपन्न बनाने के सपने को पूरा करेगा। यह बजट ज्ञानी के मार्गदर्शी सिद्धांत पर आधारित है।
सीएम मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ज्ञान आधारित विकास के संकल्प के साथ मध्य प्रदेश लगातार आगे बढ़ रहा है। गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी शक्ति के कल्याण के ज्ञान के संकल्प में राज्य सरकार ने अब इंडस्ट्री और इंफ्रास्ट्रक्चर के आई को भी शामिल किया है। वर्ष 2026-27 के लिए प्रदेश का यह बजट ज्ञानी के मार्गदर्शी सिद्धांत पर तैयार किया गया है, जिसमें गरीब कल्याण, युवा शक्ति के कौशल विकास एवं रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण, अन्नदाता की आय में वृद्धि, नारी सशक्तिकरण, आधारभूत सुविधाओं का विकास एवं प्रदेश में औद्योगिक निवेश के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करने का संकल्प है। वर्ष 2026-27 के 4 लाख 38 हजार 317 करोड़ रुपए के बजट में विकास के लिए पर्याप्त धन राशि रखी गई है, यह विकास और जनकल्याण के संकल्प की पूर्ति का परिचायक है।
उन्होंने कहा कि यह बजट 'समृद्ध मध्यप्रदेश, सम्पन्न मध्यप्रदेश, सुखद मध्यप्रदेश, सांस्कृतिक मध्यप्रदेश' के सपने को साकार करने वाला है। पिछले वर्ष की तरह इस बार भी प्रदेश की जनता पर कोई नया कर बोझ नहीं डाला गया है। इस बजट से अगले तीन वर्ष के विकास का खाका खींचा जाएगा और यह बजट विकास के लिए सतत् रूप से पर्याप्त धनराशि उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेगा। यह बजट अमृतकाल 2047 के लिए विकास का पैमाना सिद्ध होगा।
मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय में वर्ष 2024-25 की तुलना में वर्ष 2025-26 में 9 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। वर्ष 2026-27 में पूंजीगत परिव्यय राज्य के सकल घरेलू उत्पाद का 4.80 प्रतिशत अनुमानित है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के इतिहास में पहली बार अधोसंरचना विकास में बजट अनुमान 2026-27 का पूंजीगत परिव्यय रुपए 1 लाख करोड़ रूपए से अधिक है। राज्य सरकार ने इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के समुचित प्रावधान किए हैं। प्रदेश के गठन के बाद पहली बार इतनी बड़ी राशि का प्रावधान किया गया है।
उन्होंने कहा कि हमारा फोकस सर्वस्पर्शी, समावेशी विकास, सुशासन, पर्यावरण, पर्यटन एवं सांस्कृतिक पुनर्उत्थान पर है। सभी क्षेत्रों में विकास के लिए पर्याप्त प्रावधान है। मुख्यमंत्री मजरा-टोला सड़क योजना के लिए 21 हजार 630 करोड़ की स्वीकृति के बाद वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 800 करोड़ रुपए का प्रावधान है। सीएम यादव ने कहा कि सिंहस्थ महापर्व से संबंधित 13 हजार 851 करोड़ के कार्य स्वीकृत किए गए हैं, शहरों में अधोसंरचना विकास के लिए 'द्वारका योजना' में आगामी तीन वर्षों में 5 हजार करोड़ रुपए का निवेश संभावित है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि बच्चों को बेहतर पोषण मिले, इसके लिए यशोदा दुग्ध प्रदाय योजना के लिए 700 करोड़ रुपए का प्रावधान है। इस योजनातंर्गत आगामी पांच वर्षों में 6 हजार 600 करोड़ रुपए का खर्च आएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के लिए 23 हजार 883 करोड़ रुपए दिए जाएंगे। वहीं, विकसित भारत-गांरटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) के लिए 10 हजार 428 करोड़ रुपए का प्रावधान है।
उन्होंने कहा कि युवा कल्याण के लिए बजट में विशेष प्रावधान किए गए हैं। प्रदेश में सांदीपनि विद्यालय, पीएम श्री महाविद्यालय और चिकित्सा महाविद्यालयों का निर्माण किया जा रहा है। राज्य में औद्योगिक विकास के साथ हवाई कनेक्टिविटी बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। पर्यटकों के लिए प्रदेश में पहली बार पीएम श्री हेली सर्विस शुरू की गई है, जिसमें पर्यटकों से सामान्य किराये का मात्र 10वां हिस्सा ही लिया जा रहा है। शेष खर्च राज्य सरकार वहन कर रही है।
मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश वन संपदा एवं वन्यजीवों से समृद्ध है। प्रदेश की धरती पर चीतों का पुनर्स्थापन किया गया है। श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क में नए शावकों के आगमन से स्वदेशी चीतों की संख्या में वृद्धि हो रही है। यहां चीतों की संख्या अब 38 पहुंच गई है। इसी माह 8 व्यस्क चीते बोत्सवाना से लाए जाएंगे।