"मायावती अकेले लड़ें, हमें फर्क नहीं पड़ेगा": सिद्धार्थ नाथ सिंह का दम! बोले- 2027 में भाजपा की प्रचंड जीत तय

मायावती के अकेले चुनाव लड़ने से भाजपा पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा: सिद्धार्थ नाथ सिंह


लखनऊ, 18 फरवरी। भारतीय जनता पार्टी के विधायक सिद्धार्थ नाथ सिंह ने उत्तर प्रदेश में बहुजन समाज पार्टी द्वारा 2027 का विधानसभा चुनाव अकेले लड़ने की घोषणा पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह मायावती का निर्णय है और इससे चुनाव परिणाम पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। 2027 के चुनाव में भाजपा और घटक दलों की जीत होगी।

बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती ने स्पष्ट किया है कि उनकी पार्टी 2027 का चुनाव अपने दम पर लड़ेगी और किसी अन्य दल के साथ गठबंधन की खबरें भ्रामक हैं। आईएएनएस से बातचीत में सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि यह मायावती की पार्टी है और वे चाहे अकेले चुनाव लड़ें या किसी के साथ, यह उनका आंतरिक निर्णय है।

भाजपा विधायक ने कहा कि बसपा पहले भी गठबंधन में चुनाव लड़ चुकी है, लेकिन तब भी भारतीय जनता पार्टी और उसके सहयोगी दलों ने उन्हें पराजित किया था। उन्होंने दावा किया कि 2027 में भी परिणाम वही रहेगा और जीत भाजपा व उसके घटक दलों की ही होगी।

दिल्ली में आयोजित हो रहे एआई सम्मेलन और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा लगाए गए आरोपों पर भी सिद्धार्थ नाथ सिंह ने तीखी प्रतिक्रिया दी। राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि भारतीय डाटा वैश्विक स्तर पर बेचा जा रहा है, इस पर भाजपा विधायक ने कहा कि राहुल गांधी की बयानबाजी से देश की छवि को नुकसान पहुंचता है।

उन्होंने कहा कि भारत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में विश्व गुरु बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है और इस विषय पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा हो रही है। सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि एआई समिट को एक दिन और बढ़ाया गया है और विश्वभर में भारत की प्रशंसा हो रही है, ऐसे में नेता प्रतिपक्ष द्वारा इस तरह के बयान देना उनके पद के अनुरूप नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी अपने पद का दुरुपयोग कर रहे हैं और देश को नीचा दिखाने का प्रयास कर रहे हैं।

समाजवादी पार्टी द्वारा बसपा को भाजपा की ‘बी-टीम’ बताए जाने के आरोप पर सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि यदि किसी को इस संबंध में आपत्ति है तो उसे बसपा से ही सवाल करना चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा की कोई बी-टीम नहीं है। उन्होंने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले सपा और बसपा का गठबंधन रह चुका है, जिसे ‘बुआ-भतीजे’ का गठबंधन कहा जाता था। ऐसे में यदि किसी को संदेह है तो वह अपने पूर्व सहयोगियों से पूछताछ करे।

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा एसआईआर प्रक्रिया में फॉर्म-7 के दुरुपयोग के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि इस विषय पर चुनाव आयोग से संवाद किया जाना चाहिए, न कि विधानसभा में शोर-शराबा। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग पहले ही इस मुद्दे पर अपना पक्ष स्पष्ट कर चुका है और उत्तर प्रदेश में एसआईआर की प्रक्रिया सुचारु रूप से चल रही है, इसमें किसी प्रकार की गड़बड़ी नहीं है।

वहीं, मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने भी इस मुद्दे पर समाजवादी पार्टी पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया में फॉर्म-7 को लेकर लगाए जा रहे आरोप सपा की हताशा को दर्शाते हैं। उनके अनुसार, एसआईआर के माध्यम से चुनाव आयोग निष्पक्ष चुनाव कराने की दिशा में कार्य कर रहा है, जबकि सपा समाज में भ्रम फैलाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने इसे लोकतंत्र को कमजोर करने की साजिश बताते हुए कहा कि जनता सब देख रही है और 2027 में इसका जवाब देगी।
 
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