भोपाल, 18 फरवरी। मध्य प्रदेश के वित्त मंत्री और उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा द्वारा विधानसभा में पेश किए गए वर्ष 2026-27 के बजट को नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने झूठे आंकड़ों और खोखले दावों वाला करार दिया है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने बजट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह झूठे आंकड़ों और खोखले वादों का बजट है। यह बजट प्रदेश की जनता के साथ छलावा है और जमीनी हकीकत से पूरी तरह कटा हुआ है।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि वित्त मंत्री स्वयं स्वीकार कर रहे हैं कि राजकोषीय घाटा 74 हजार करोड़ रुपए से अधिक होगा। जब सरकार के पास संसाधन ही नहीं हैं तो घोषित योजनाओं को पूरा करने के लिए पैसा कहां से आएगा? यह बजट सिर्फ घोषणाओं का पुलिंदा है।
उन्होंने आगे कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने का वादा किया गया था, लेकिन बजट में इस पर कोई स्पष्ट नीति, योजना या समयसीमा नहीं है। किसान आज भी लागत और कर्ज के बोझ तले दबा है। जो न्यूनतम समर्थन मूल्य के वादे किए गए थे, वो भी पूरे नहीं हुए। प्रदेश के लाखों बेरोजगार युवाओं को उम्मीद थी कि भर्ती, नई नौकरियों और रोजगार सृजन पर ठोस प्रावधान होंगे, लेकिन बजट में इस पर कोई ठोस घोषणा नहीं की गई। संविदा भर्ती की बात कही गई है। इससे नौकरी पाने वाले पर हमेशा तलवार लटकी रहेगी।
उमंग सिंघार ने राज्य के कर्मचारियों और प्रस्तावित वृक्षारोपण को लेकर कहा कि प्रदेश के कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी को लेकर बजट में कोई प्रावधान नहीं है। यह कर्मचारियों के साथ अन्याय है। नर्मदा किनारे 5 हजार हेक्टेयर में वृक्षारोपण की बात की जा रही है। जब वित्तीय स्थिति कमजोर है तो यह योजना कैसे लागू होगी? पिछली बार भी मां नर्मदा के नाम पर करोड़ों का घोटाला हुआ था, इस बार भी वैसी ही आशंका है। बिजली की दरें कम करने पर कोई घोषणा नहीं की गई। आम जनता महंगे बिलों से परेशान है, लेकिन सरकार ने राहत देने की कोई मंशा नहीं दिखाई।
नेता प्रतिपक्ष ने विधायकों द्वारा की जा रही मांग का हवाला देते हुए कहा कि विधायकों की मांग थी कि विधायक निधि 2 करोड़ रुपए और बढ़ाई जाए ताकि वे अपने क्षेत्र में विकास कार्य करा सकें। इस मांग की अनदेखी कर सरकार ने न सिर्फ विधायकों बल्कि विधानसभा अध्यक्ष की भावना का भी अपमान किया है।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि यह बजट विकास का नहीं, भ्रम का दस्तावेज है। इसमें झूठे आंकड़े पेश कर जनता को गुमराह करने की कोशिश की गई है। प्रदेश की जनता इस छलावे को समझ चुकी है और समय आने पर जवाब देगी।