गिरावट के बाद सोने-चांदी की कीमतों में फिर आई तेजी, सिल्वर 3.5 प्रतिशत से ज्यादा चढ़ा

गिरावट के बाद सोने-चांदी की कीमतों में फिर आई तेजी, सिल्वर 3.5 प्रतिशत से ज्यादा चढ़ा


मुंबई, 18 फरवरी। वैश्विक मैक्रो-इकॉनॉमिक (आर्थिक) कारणों के चलते सप्ताह के तीसरे कारोबारी दिन बुधवार को कीमती धातुओं यानी सोने और चांदी की कीमतों में तेजी देखने को मिली। इससे पहले लगातार दो सत्रों तक दोनों की कीमतों में गिरावट देखी गई थी। वहीं निवेशकों की नई खरीदारी के चलते कमोडिटी बाजार में फिर से तेजी आई।

दिन के कारोबार में मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर अप्रैल डिलीवरी वाला सोना 1 प्रतिशत से ज्यादा उछलकर 1,53,554 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गया, जो दिन का उच्चतम स्तर है। वहीं मार्च डिलीवरी वाली चांदी करीब 4 प्रतिशत की तेजी के साथ 2,38,564 रुपए प्रति किलोग्राम के दिन के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई।

हालांकि खबर लिखे जाने तक (अपरह्न 2.28 बजे) एमसीएक्स पर अप्रैल वायदा सोना 0.95 प्रतिशत यानी 1,446 रुपए की तेजी के साथ 1,52,864 रुपए प्रति 10 ग्राम पर था, तो वहीं मार्च वायदा चांदी 3.71 प्रतिशत यानी 8,477 रुपए की उछाल के साथ 2,37,260 रुपए प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही थी।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत 4,900 डॉलर प्रति औंस से नीचे फिसल गई। हालांकि अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में गिरावट से कुछ सहारा मिला, लेकिन कमोडिटी बाजार में निवेशकों का रुख सतर्क बना रहा।

बाजार विशेषज्ञों ने बताया अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में प्रगति से तनाव कम होने और अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने से सोने की तेजी सीमित रही, क्योंकि इससे सुरक्षित निवेश (सेफ-हेवन) की मांग कम हो गई। एशियाई बाजारों में लूनर न्यू ईयर की छुट्टियों के कारण कम कारोबार भी तेजी में बाधा बना।

जिनेवा में हुई बातचीत के दौरान अमेरिका और ईरान ने भविष्य की परमाणु वार्ता के लिए कुछ बुनियादी सिद्धांतों पर सहमति जताई, जिससे कूटनीतिक प्रगति की उम्मीद बढ़ी।

वहीं, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने बातचीत को पहले से ज्यादा सकारात्मक बताया। उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष संभावित समझौते के लिए मसौदा तैयार कर आदान-प्रदान करेंगे, लेकिन यह अंतिम समझौता होने का संकेत नहीं है।

उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका को ईरान के खिलाफ बल प्रयोग की धमकी तुरंत बंद करनी चाहिए।

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के कमोडिटी विश्लेषक मानव मोदी ने बताया कि कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद गोल्ड ईटीएफ में निवेश बढ़ता रहा, जिससे संस्थागत निवेशकों की रुचि का संकेत मिलता है। साथ ही भारत और चीन में भौतिक सोने की मांग भी मजबूत बनी हुई है, और जनवरी में भारत का सोना आयात बढ़ा है।

विश्लेषकों का कहना है कि चांदी में उतार-चढ़ाव मांग-आपूर्ति असंतुलन और पिछले एक साल में तेज बढ़त के बाद मुनाफावसूली के कारण है। वहीं सोने की कीमतें हाल के हफ्तों की तुलना में अब भी ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं।

डॉलर इंडेक्स 0.10 प्रतिशत बढ़कर 97.25 पर पहुंच गया, जिससे डॉलर में कीमत तय होने वाली धातुएं अन्य मुद्रा धारकों के लिए महंगी हो गईं।

एक एक्सपर्ट ने कहा कि सोने को क्रमशः 1,49,800 रुपए और 1,47,700 रुपए पर सपोर्ट मिल रहा है, जबकि 1,53,150 रुपए और 1,55,500 रुपए पर रेजिस्टेंस है।

वहीं, एमसीएक्स चांदी के लिए 2,24,400 रुपए और 2,18,800 रुपए सपोर्ट स्तर हैं, जबकि 2,32,200 रुपए और 2,36,000 रुपए रेजिस्टेंस स्तर हैं।
 
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