बेंगलुरु, 17 फरवरी। भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड और फ्रांस की सफरान इलेक्ट्रॉनिक्स एंड डिफेंस ने मंगलवार को भारत में हाईली एजाइल मॉड्यूलर म्यूनिशन एक्सटेंडेड रेंज (हैमर) स्मार्ट प्रिसिजन गाइडेड एयर-टू-ग्राउंड वेपन के उत्पादन के लिए एक संयुक्त उद्यम कंपनी स्थापित करने का समझौता किया। इस समझौते का कार्यान्वयन दोनों देशों के नियामक और प्रशासनिक अनुमोदनों पर निर्भर करेगा।
समझौते पर बीईएल के सीएमडी मनोज जैन और एसईडी के एग्जिक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट अलेक्जेंडर जिगलर ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और फ्रांस की सशस्त्र बल एवं पूर्व सैनिक मामलों की मंत्री कैथरीन वॉट्रिन भी मौजूद थीं। यह समझौता 6वें भारत-फ्रांस वार्षिक रक्षा संवाद के दौरान हुआ।
संयुक्त उद्यम कंपनी में बीईएल और एसईडी की बराबर हिस्सेदारी होगी। कंपनी भारतीय वायुसेना और नौसेना की संचालन जरूरतों को पूरा करने के लिए हाईली एजाइल मॉड्यूलर म्यूनिशन एक्सटेंडेड रेंज के उत्पादन, आपूर्ति और रखरखाव पर ध्यान देगी। यह सहयोग ‘आत्मनिर्भर भारत’ के दृष्टिकोण में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिसका उद्देश्य आयात पर निर्भरता कम करना और भारत की स्वदेशी रक्षा क्षमताओं को मजबूत करना है।
उत्पादन चरणबद्ध तरीके से भारत में किया जाएगा। समय के साथ हाईली एजाइल मॉड्यूलर म्यूनिशन एक्सटेंडेड रेंज के प्रमुख उप-घटक, इलेक्ट्रॉनिक्स और मैकेनिकल पार्ट्स भारत में बनाए जाएंगे। इस समझौते के तहत बीईएल, एसईडी के स्मार्ट प्रिसिजन गाइडेड एयर-टू-ग्राउंड हथियारों के निर्माण के अनुभव का लाभ उठाएगी।
हाईली एजाइल मॉड्यूलर म्यूनिशन एक्सटेंडेड रेंज एक युद्ध में परखा हुआ, उच्च सटीकता वाला और मॉड्यूलर डिजाइन वाला हथियार है, जिसे राफेल और एलसीए तेजस जैसे विभिन्न प्लेटफार्मों पर इस्तेमाल किया जा सकता है।
बीईएल भारत की प्रमुख रक्षा इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी है, जो राडार, मिसाइल सिस्टम, सैन्य संचार, नौसैनिक सिस्टम, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और एवियोनिक्स, टैंक इलेक्ट्रॉनिक्स, हथियार सिस्टम अपग्रेड, सोलर सिस्टम और नागरिक उत्पादों का निर्माण करती है।
यह समझौता भारत की रक्षा औद्योगिक क्षमता को मजबूत करने और हाईली एजाइल मॉड्यूलर म्यूनिशन एक्सटेंडेड रेंज के स्वदेशी उत्पादन के लिए महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है।