कांग्रेस में 'दरबारी संस्‍कृति' हावी, पार्टी में सुझाव देने वालों को किया जाता है दरकिनार : रोहन गुप्ता

कांग्रेस में दरबारी संस्‍कृति हावी,पार्टी में सुझाव देने वालों को किया जाता है दरकिनार:रोहन गुप्ता


गुवाहाटी, 17 फरवरी। भाजपा प्रवक्ता रोहन गुप्ता ने वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर के हालिया बयानों को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कांग्रेस में अंदरूनी गड़बड़ी, दोहरे मापदंड और ‘दरबारी संस्कृति’ का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी में सुझाव देने वालों को दरकिनार कर दिया जाता है, जबकि चापलूसी करने वाले निर्णय लेते हैं।

रोहन गुप्ता ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि मणिशंकर अय्यर ने लंबे समय तक कांग्रेस के लिए काम किया है और उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि वे किसी एक व्यक्ति का महिमामंडन नहीं करते।

गुप्ता ने कहा कि यह कांग्रेस का आंतरिक मामला हो सकता है, लेकिन सवाल यह है कि जो भी व्यक्ति पार्टी को आईना दिखाने या सुझाव देने की कोशिश करता है, उसे हाशिए पर डाल दिया जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस में ‘दरबारी’ संस्कृति हावी है और वही लोग फैसले लेते हैं। यहां तक कि चुनावी हार के बाद भी वही निर्णय प्रक्रिया पर काबिज रहते हैं।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि कांग्रेस के हाशिए पर पहुंचने का मुख्य कारण यह है कि वह जनता के असली मुद्दों से कट गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी ऐसे मुद्दे उठाती है, जिन्हें जनता गंभीरता से नहीं लेती, जैसे वोट चोरी के आरोप, संवैधानिक संस्थाओं पर हमले की बात या प्रधानमंत्री मोदी को लेकर बयान। गुप्ता ने कहा कि जो नेता पार्टी के भीतर सुधार की बात करता है, उसे बाहर का रास्ता दिखा दिया जाता है और यही स्थिति मणिशंकर अय्यर के साथ भी देखने को मिल रही है।

रोहन गुप्ता ने टिकट वितरण को लेकर उठे विवादों पर भी कांग्रेस हाईकमान को घेरा। उन्होंने नवजोत कौर द्वारा टिकट बेचे जाने के आरोपों और पार्टी नेतृत्व तथा जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं के बीच कथित दूरी का जिक्र करते हुए कहा कि क्या शीर्ष नेतृत्व को इन सबकी जानकारी है या फिर वह केवल अपने आसपास मौजूद लोगों के जरिए ही पार्टी की स्थिति का आकलन कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि बिहार में भी एक नेता को शीर्ष नेतृत्व से मिलने का समय नहीं दिया गया, क्योंकि ‘दरबारियों’ ने इसकी जरूरत नहीं समझी।

उन्होंने सवाल उठाया कि क्या किसी राजनीतिक दल में ऐसा हो सकता है कि कार्यकर्ता या नेता अपने शीर्ष नेतृत्व से न मिल सके। क्या यह तय करने का अधिकार दरबारियों के पास होना चाहिए कि कौन नेता नेतृत्व से मिलेगा और कौन नहीं। गुप्ता ने कहा कि धरातल की हकीकत से अनजान रहने के कारण ही कांग्रेस की स्थिति कमजोर हुई है और इसके लिए वही लोग जिम्मेदार हैं, जो नेतृत्व तक सच्चाई पहुंचने नहीं देते।
 
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