सिंधिया का ऐलान: भारत-आयरलैंड AI-ब्रॉडबैंड में रचेंगे डिजिटल भविष्य, मजबूत साझेदारी की अपार संभावनाएं

भारत और आयरलैंड के बीच एआई और ग्रामीण ब्रॉडबैंड के क्षेत्र में सहयोग की अपार संभावनाएं: ज्योतिरादित्य सिंधिया


नई दिल्ली, 17 फरवरी। केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मंगलवार को कहा कि भारत और आयरलैंड, दोनों ही गतिशील और नवाचार-प्रेरित लोकतंत्र हैं और इनके बीच क्वांटम कम्युनिकेशन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), नियामकीय नवाचार और ग्रामीण ब्रॉडबैंड सेवाओं में सहयोग की अपार संभावनाएं हैं।

आयरलैंड के मंत्री जैक चैम्बर्स के साथ द्विपक्षीय बैठक में सिंधिया ने कहा कि भारत, इंटरनेशनल टेलीकम्युनिकेशन यूनियन (आईटीयू) में अपनी उम्मीदवारी के लिए आयरलैंड के समर्थन की अपेक्षा करता है। उन्होंने कहा, "हम मिलकर एक मजबूत और भविष्य के लिए तैयार डिजिटल साझेदारी बना सकते हैं।"

बैठक में दूरसंचार, डिजिटल अवसंरचना, उभरती तकनीकों और नियामकीय सहयोग को और मजबूत करने पर चर्चा हुई। इससे दोनों देशों के बीच मजबूत और मैत्रीपूर्ण संबंधों की फिर से पुष्टि हुई।

आधिकारिक बयान के अनुसार, दोनों पक्षों ने माना कि भारत की व्यापक पहुंच और तेजी से तकनीक लागू करने की क्षमता, आयरलैंड के शोध-आधारित नवाचार तंत्र और यूरोपीय संघ के अनुरूप नियामकीय संरचना के बीच मजबूत पूरकता है।

दूरसंचार विभाग (डीओटी) और आयरलैंड के कमीशन फॉर कम्युनिकेशंस रेगुलेशन के बीच संरचित सहयोग की संभावनाओं पर भी जोर दिया गया। इसमें शैक्षणिक संस्थानों, स्टार्टअप्स और उद्योग जगत की भागीदारी को भी महत्वपूर्ण बताया गया।

सिंधिया ने आयरिश पक्ष को 2014 के बाद से भारत की सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) में हुए बदलावों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आज भारत दुनिया के सबसे बड़े डिजिटल इकोसिस्टम में से एक है, जहां 1.23 अरब से अधिक टेलीकॉम ग्राहक और लगभग एक अरब इंटरनेट यूजर्स हैं।

उन्होंने बताया कि 5जी कवरेज देश के लगभग 99.9 प्रतिशत जिलों तक पहुंच चुकी है। साथ ही डेटा की औसत कीमत लगभग 0.10 अमेरिकी डॉलर प्रति जीबी है, जिससे कनेक्टिविटी सुलभ और किफायती बनी हुई है।

मंत्री ने कहा कि भारत में वॉइस और डेटा दरें दुनिया में सबसे कम हैं। उन्होंने डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (डीपीआई) की सफलता को भी रेखांकित किया। खास तौर पर उन्होंने यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) का उल्लेख किया, जो वैश्विक स्तर पर इंटरऑपरेबल डिजिटल भुगतान के मॉडल के रूप में उभरा है। साथ ही डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) प्रणाली का भी जिक्र किया, जिससे सरकारी धन सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में पारदर्शी और प्रभावी तरीके से पहुंचता है।

आयरलैंड के मंत्री जैक चैम्बर्स ने अपने देश की नेशनल ब्रॉडबैंड योजना के बारे में जानकारी साझा करते हुए कहा कि यह योजना ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में सस्ती और सार्थक कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने का अच्छा उदाहरण है।

उन्होंने आयरलैंड की अर्थव्यवस्था, नवाचार और रोजगार सृजन में भारतीय समुदाय के महत्वपूर्ण योगदान की भी सराहना की। साथ ही देश भर में चल रही अरबों यूरो की फाइबर नेटवर्क परियोजना का उल्लेख किया।

चैम्बर्स ने कहा कि भारत और आयरलैंड के बीच व्यापारिक संबंध मजबूत और लगातार बढ़ रहे हैं, जो यूरोपीय संघ के साथ भारत के व्यापार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।

दोनों पक्षों ने आईटीयू के ढांचे के तहत मिलकर काम करने और नियामकीय व तकनीकी क्षेत्रों में श्रेष्ठ अनुभव साझा करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
 

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