कर्नाटक में H-125 हेलीकॉप्टर असेंबली लाइन शुरू, राजनाथ सिंह बोले- रक्षा क्षेत्र को हजार करोड़ का निवेश और नई उड़ान

कर्नाटक के वेमगल में एच-125 हेलीकॉप्टर का उद्घाटन, राजनाथ सिंह बोले- एक हजार करोड़ रुपए का आएगा निवेश


नई दिल्ली, 17 फरवरी। कर्नाटक के वेमगल में एच-125 हेलीकॉप्टर की फाइनल असेंबली लाइन की शुरुआत की गई है। एच-125 हेलीकॉप्टर की इस फाइनल असेंबली लाइन का मंगलवार को उद्घाटन हुआ और रक्षामंत्री राजनाथ सिंह इस समारोह में मौजूद रहे। उन्होंने इसे भारत के रक्षा विनिर्माण क्षेत्र के लिए एक बड़ा कदम बताया। टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स और एयरबस हेलीकॉप्टर्स ने संयुक्त रूप से यह पहल की है।

रक्षा मंत्री ने इनकी टीमों को इस नई पहल के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह परियोजना मित्र देशों के साथ उच्च स्तरीय विनिर्माण के क्षेत्र में पारस्परिक रूप से लाभकारी साझेदारी को आगे बढ़ाने की भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि आज बड़ी संख्या में विदेशी कंपनियां अपने कई महत्वपूर्ण पुर्जे भारतीय एमएसएमई से ले रही हैं। उन्होंने इन कंपनियों से अपील की कि वे इस साझेदारी को और गहरा करें। सार्थक तकनीक हस्तांतरण करें और मिलकर ऐसे उन्नत समाधान विकसित करें जो न सिर्फ भारत बल्कि अन्य देशों की सुरक्षा जरूरतों को भी पूरा कर सकें।

उन्होंने कहा कि ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भरता’ वर्ष 2014 से भारत की आर्थिक नीति की आधारशिला रहे हैं। उन्होंने बताया कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई शुरुआती पहलों में से एक थी। इनके तहत भारत ने महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों और उच्च स्तरीय उत्पादों व उपकरणों के निर्माण में आत्मनिर्भर बनने का लक्ष्य तय किया। उन्होंने कहा कि भारत पारस्परिक लाभ वाली साझेदारियों के जरिए इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

रक्षा मंत्री ने बताया कि पिछले एक दशक में भारत ने बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे के निर्माण, महत्वपूर्ण क्षेत्रों में पूंजी निवेश और उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) जैसी योजनाओं के माध्यम से तेज औद्योगिक विकास का रास्ता अपनाया है। साथ ही निवेश को बढ़ावा देने के लिए उदार नीतिगत ढांचा भी तैयार किया गया है। इससे देश में वैश्विक कंपनियों के लिए अनुकूल माहौल बना है।

रक्षा मंत्री ने एच-125 कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि इस परियोजना में एक हजार करोड़ रुपए से अधिक का निवेश होने की संभावना है। इससे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर पैदा होंगे। खासकर देश के कुशल और मेहनती युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

उन्होंने कहा कि इस तरह की परियोजनाएं न केवल विनिर्माण क्षमता बढ़ाती हैं बल्कि स्थानीय आपूर्ति श्रृंखला को भी मजबूत करती हैं। रक्षा मंत्री ने यह भी बताया कि आयुध निर्माणी बोर्ड के निगमकरण, निवेश नीतियों के उदारीकरण, रक्षा औद्योगिक कॉरिडोर की स्थापना और अन्य सुधारों के चलते आज देश के कुल रक्षा उत्पादन में निजी क्षेत्र की हिस्सेदारी लगभग एक चौथाई तक पहुंच गई है।

रक्षा निर्यात में भी कई गुना वृद्धि हुई है। इससे भारत दुनिया के प्रमुख रक्षा निर्यातक देशों में शामिल हो रहा है। इस तेज विकास का सकारात्मक प्रभाव एमएसएमई और सहायक उद्योगों पर भी पड़ा है। उनकी संख्या बढ़कर 16 हजार से अधिक हो चुकी है। उन्होंने कहा कि सरकार का विशेष ध्यान लघु और मध्यम उद्योगों को समर्थन देने और स्टार्ट-अप इकोसिस्टम को मजबूत करने पर रहा है।

रक्षा मंत्री ने विश्वास जताया कि एच-125 हेलीकॉप्टर की फाइनल असेंबली लाइन की शुरुआत इस दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी।
 
Similar content Most view View more

Latest Replies

Trending Content

Forum statistics

Threads
16,711
Messages
16,748
Members
20
Latest member
7519202689
Back
Top