बांग्लादेश: बीएनपी सांसदों ने ली शपथ, पर रिफॉर्म काउंसिल सदस्यता से किया साफ इनकार, मुहम्मद यूनुस को झटका

बांग्लादेश में नए बीएनपी सांसदों का हुआ शपथ ग्रहण, संविधान सुधार परिषद की नहीं ली शपथ


ढाका, 17 फरवरी। बांग्लादेश के 13वें संसदीय चुनाव में बड़ी जीत के बाद बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के नए सांसदों ने मंगलवार को ढाका में नेशनल पार्लियामेंट के साउथ प्लाजा में पद की शपथ ली। इसके साथ ही बीएनपी के अध्यक्ष तारिक रहमान ने मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस को तगड़ा झटका दिया है। दरअसल, बीएनपी सांसदों ने कॉन्स्टिट्यूशन रिफॉर्म काउंसिल के मेंबर के तौर पर शपथ नहीं ली है।

चीफ इलेक्शन कमिश्नर एएमएम नासिर उद्दीन ने मंगलवार सुबह देश के संविधान के अनुसार शपथ दिलाई। दरअसल, 12वीं संसद के स्पीकर और डिप्टी स्पीकर का पद खाली होने की वजह से चीफ इलेक्शन कमिश्नर ने शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण समारोह पार्लियामेंट सचिवालय सेक्रेटरी कनीज मौला ने करवाया।

बांग्लादेशी मीडिया ने जानकारी दी है कि बीएनपी सांसदों ने कॉन्स्टिट्यूशन रिफॉर्म काउंसिल के मेंबर के तौर पर शपथ नहीं ली। बीएनपी के अध्यक्ष तारिक रहमान ने ढाका-17 चुनाव क्षेत्र से सांसद के तौर पर शपथ ली। इस दौरान उनकी पत्नी, जुबैदा रहमान और उनकी बेटी जाइमा रहमान शपथ ग्रहण समारोह में मौजूद थीं।

बता दें, 2024 में शेख हसीना की सरकार गिराए जाने के बाद मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार और 30 राजनीतिक दलों ने मिलकर संवैधानिक, चुनावी और प्रशासनिक सुधारों की एक योजना पेश की जुलाई 2025 में पेश की थी।

बांग्लादेशी मीडिया द डेली स्टार ने बताया कि शपथ ग्रहण समारोह की शुरुआत में बीएनपी नेता सलाउद्दीन अहमद ने कहा कि पार्टी चीफ तारिक रहमान के कहने पर बीएनपी के सभी नए चुने गए सांसदों को संविधान सुधार परिषद फॉर्म पर हस्ताक्षर न करने का निर्देश दिया गया है, क्योंकि उन्हें काउंसिल का मेंबर नहीं चुना गया था।

दूसरी ओर, बांग्लादेशी अखबार प्रोथोम आलो के अनुसार, जमात-ए-इस्लामी और नेशनल सिटिजन पार्टी (एनसीपी) समेत 11 पार्टियों के गठबंधन के नए चुने गए सांसद शपथ न लेने पर विचार कर रहे थे। हालांकि, जमात के चुने गए सांसदों को उसी जगह पर शपथ दिलाई गई है।

बता दें, जुलाई नेशनल चार्टर पर रेफरेंडम भी 12 फरवरी को ही 13वें संसदीय चुनाव के साथ हुआ था, जिसमें देश के 300 में से 299 चुनाव क्षेत्रों में वोटिंग कराई गई। चुनाव में बीएनपी ने 209 सीटों पर जीत हासिल की, जबकि कट्टरपंथी इस्लामी पार्टी जमात-ए-इस्लामी को 68 सीटें मिलीं। इसके अलावा, नेशनल सिटीजन पार्टी (एनसीपी) ने छह, निर्दलीय उम्मीदवारों ने सात सीटों, बांग्लादेश खिलाफत मजलिश ने दो, इस्लामी आंदोलन बांग्लादेश ने एक, बांग्लादेश जातीय पार्टी (बीजेपी) (अंदलीव रहमान पार्थो की लीडरशिप में) ने एक, गणाधिकार परिषद ने एक, गणसंहति आंदोलन ने एक और खिलाफत मजलिश ने एक सीट पर जीत हासिल की।

ऐसे में बीएनपी के नेतृत्व वाले चुनावी गठबंधन ने कुल 212 चुनाव क्षेत्रों में जीत हासिल की, जबकि जमात के नेतृत्व वाले चुनावी गठबंधन ने 77 चुनाव क्षेत्रों में जीत हासिल की।
 
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