लखनऊ, 17 फरवरी। उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी अविनाश पांडे ने कहा कि भारी पुलिस बंदोबस्त और प्रशासनिक सख्ती के बावजूद पार्टी कार्यकर्ता पीछे नहीं हटेंगे और मजदूरों के अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रहेगा।
उन्होंने बताया कि पिछले 40 दिनों से पूरे प्रदेश में चौपालों और प्रदर्शनों के माध्यम से सरकार का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की जा रही है। पांडेय के अनुसार मनरेगा में किए गए बदलावों से मजदूरों के अधिकार और हक पूरी तरह छिन गए हैं। इन्हीं अधिकारों को वापस दिलाने के लिए यह आंदोलन चलाया जा रहा है और यह तब तक जारी रहेगा जब तक मजदूरों को उनका हक नहीं मिल जाता।
उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर राहुल गांधी और प्रियंका गांधी पहले ही विस्तार से विरोध दर्ज करा चुके हैं। पांडेय ने आरोप लगाया कि मजदूरों को अधिकार देने के लिए बनाया गया कानून तोड़-मरोड़ कर खत्म करने की साजिश की जा रही है, जिसे कांग्रेस किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने देगी।
इस बीच लखनऊ में कांग्रेस कार्यकर्ताओं को विधानसभा तक पहुंचने से रोकने के लिए पुलिस की कड़ी निगरानी देखी गई। कई स्थानों पर पुलिस बल तैनात किया गया और नेताओं के घरों के बाहर भी सुरक्षा बढ़ा दी गई।
पांडेय ने प्रशासन की कार्रवाई की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि यह सरकार की दमनकारी मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि अंग्रेजों के समय की तरह कांग्रेस नेताओं के घरों को पुलिस छावनी में बदल दिया गया है, जिसकी पार्टी घोर निंदा करती है।
उन्होंने चेतावनी दी कि लोकतंत्र को मजबूत बनाना है तो विपक्ष की आवाज सुननी होगी। अन्यथा जनता के अधिकारों की अनदेखी करने वाली सरकार को सत्ता से बाहर कर दिया जाएगा।