भोपाल, 16 फरवरी। मध्य प्रदेश वन्यजीव बोर्ड (एमपीडब्ल्यूबी) ने सोमवार को कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी, जिनमें बगदारा वन्यजीव अभयारण्य और संजय टाइगर रिजर्व (एसटीआर) में बफर जोन का विस्तार शामिल है। ये दोनों संरक्षित क्षेत्र राज्य के विंध्य क्षेत्र में स्थित हैं।
एमपीडब्ल्यूबी की बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री मोहन यादव ने की। इस बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इनमें गांवों में शिविर आयोजित कर ग्रामीणों को सांप संभालने और प्राथमिक उपचार देने का प्रशिक्षण देने का प्रस्ताव भी शामिल है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में कम से कम दो लोग सुरक्षित रूप से सांप संभालने और सांप के काटने की स्थिति में प्राथमिक मदद देने के लिए प्रशिक्षित किए जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि लोगों को सांपों से जुड़े खतरों और सुरक्षा उपायों के बारे में जागरूक करने के लिए अभियान चलाए जाएं।
उन्होंने यह भी बताया कि लगातार संरक्षण प्रयासों के कारण पूरे राज्य में वन्यजीवों की आबादी बढ़ी है। उन्होंने मानव और वन्यजीव के सह-अस्तित्व को बढ़ावा देने के लिए सार्वजनिक जागरूकता और नागरिक शिक्षा की आवश्यकता पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने वन विभाग को पर्यटन विभाग के साथ समन्वय कर मध्य प्रदेश में वन्यजीव पर्यटन को सक्रिय रूप से बढ़ावा देने का निर्देश दिया। उन्होंने अन्य राज्यों से वन्यजीव प्रबंधन में सर्वश्रेष्ठ प्रथाओं और नवाचारों को अपनाने की आवश्यकता भी बताई और विश्वविद्यालयों और संस्थानों को वन और वन्यजीव अनुसंधान में शामिल करने का आह्वान किया।
साथ ही, उन्होंने वन क्षेत्रों में स्थित पुरातात्विक धरोहर स्थलों के लिए उचित संरक्षण सुनिश्चित करने और वन विभाग, पुरातत्व विभाग और संबंधित संस्थानों के संयुक्त कार्यशालाओं का आयोजन करने का निर्देश दिया।
बैठक में यह भी बताया गया कि वन्यजीव विनिमय कार्यक्रम के तहत असम से अगले तीन वर्षों में तीन चरणों में 50 जंगली भैंस, एक जोड़ी गैंडा और किंग कोबरा मध्य प्रदेश लाए जाएंगे। इसके बदले में मध्य प्रदेश असम को बाघ, मगरमच्छ और गौर प्रदान करेगा।