असम आईईडी मामले में एनआईए की बड़ी कार्रवाई, दो और आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल

असम आईईडी मामले में एनआईए की बड़ी कार्रवाई, दो और आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल


नई दिल्ली, 10 जनवरी। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने असम के 2024 स्वतंत्रता दिवस पर आईईडी बरामदगी मामले में दो और आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। यह चार्जशीट गुवाहाटी स्थित एनआईए की विशेष अदालत में दाखिल की गई। इस कार्रवाई के बाद इस केस की चार्जशीट में आरोपियों की कुल संख्या अब पांच हो गई है। इससे पहले एनआईए ने जून 2025 में तीन अन्य आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी।

एनआईए की ओर से जिन दो नए आरोपियों को चार्जशीट में शामिल किया गया है, उनके नाम भार्गब गोगोई और सुमु गोगोई हैं। दोनों असम के डिब्रूगढ़ जिले के रहने वाले हैं। एनआईए ने इन दोनों को जून 2025 में गिरफ्तार किया था। इन पर भारतीय दंड संहिता, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं।

एनआईए की जांच में सामने आया है कि भार्गब गोगोई और सुमु गोगोई ने आतंकी गतिविधियों के लिए फंड मुहैया कराया था। यह पैसा पहले से चार्जशीट में शामिल किए जा चुके आरोपी जह्नु बोरा को दिया गया था। जह्नु बोरा ने पूछताछ में स्वीकार किया था कि उसने अगस्त 2024 में पुलिस द्वारा जब्त किए गए 11 आईईडी में से चार आईईडी खुद लगाए थे।

जांच एजेंसी के मुताबिक, ये आईईडी असम में विरोध प्रदर्शन और स्वतंत्रता दिवस के बहिष्कार के आह्वान के तहत लगाए गए थे। यह आह्वान प्रतिबंधित आतंकी संगठन उल्फा (I) के चीफ परेश बरुआ ने किया था। इन आईईडी के जरिए राज्य में दहशत फैलाने और सरकार के खिलाफ माहौल बनाने की साजिश रची गई थी।

असम पुलिस ने इस मामले की शुरुआत की थी। पहले यह केस दिसपुर पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया था। केस में आरोप था कि उल्फा (I) ने भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने की साजिश के तहत असम के अलग-अलग इलाकों में कई आईईडी धमाके करने की योजना बनाई थी। बाद में सितंबर 2024 में यह केस एनआईए को सौंप दिया गया, जिसके बाद एजेंसी ने इसकी गहराई से जांच शुरू की।

फिलहाल, एनआईए की जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
 

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