गांधीनगर, 16 फरवरी। गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने सोमवार को बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना के तहत 69 लाख से अधिक किसान परिवारों के खातों में 22,000 करोड़ रुपए से अधिक की राशि सीधे जमा की जा चुकी है।
15वीं गुजरात विधानसभा के आठवें सत्र को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने 'विकसित गुजरात से विकसित भारत' के संकल्प के तहत समावेशी विकास के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता पर बल दिया।
राज्यपाल देवव्रत ने कहा कि राज्य ने बेमौसम बारिश से प्रभावित किसानों को समय पर वित्तीय सहायता प्रदान की है और इस वर्ष 9,610 करोड़ रुपए के राहत पैकेज की घोषणा की है, जिससे 33 लाख से अधिक किसानों को लाभ हुआ है। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना हमारी प्रमुख प्राथमिकता बनी हुई है, जिसके तहत गुजरात प्राकृतिक कृषि विकास बोर्ड और विश्व का पहला प्राकृतिक कृषि विश्वविद्यालय राज्य में स्थापित किया गया है।
उन्होंने कहा कि 19 लाख से अधिक किसानों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जबकि 8 लाख से अधिक किसानों ने प्राकृतिक कृषि पद्धतियों को अपनाया है।
राज्यपाल देवव्रत ने आगे कहा कि राज्य में 7,100 मॉडल फार्म स्थापित किए गए हैं और डांग जिले को पूरी तरह से रसायन मुक्त घोषित किया गया है। किसानों को रसायन मुक्त पद्धतियों को अपनाने के लिए मार्गदर्शन और प्रोत्साहन दिया जा रहा है।
राज्यपाल ने बागवानी के क्षेत्र में गुजरात की उपलब्धियों पर भी प्रकाश डाला और गिर केसर आम, वलसाद हाफू, कच्ची खारेक और अमलसादी चीकू जैसे उत्पादों को मिली वैश्विक मान्यता का उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि पीएम-किसान जैसी प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता योजनाएं किसानों तक समय पर सहायता पहुंचाती हैं, जिससे कृषि की मजबूती और आजीविका में सुधार होता है।
शासन के विषय पर राज्यपाल ने प्रौद्योगिकी आधारित उन पहलों की ओर इशारा किया जो पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करती हैं।
राज्यपाल ने सोमनाथ मंदिर पर हमले की एक हजारवीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित 'सोमनाथ स्वाभिमान महोत्सव' का उल्लेख किया।