मुंबई, 16 फरवरी। महाराष्ट्र के मालेगांव में डिप्टी मेयर के कार्यालय में टीपू सुल्तान की तस्वीर लगाए जाने को लेकर पैदा हुए विवाद पर समाजवादी पार्टी के विधायक अबू आजमी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
उन्होंने कहा कि देश एक संविधान से चलता है और उसी संविधान के तहत देश के इतिहास में रानी लक्ष्मीबाई और टीपू सुल्तान जैसे वीरों का उल्लेख है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग जानबूझकर इतिहास के मुद्दों को उठाकर हिंदू-मुस्लिम विभाजन की राजनीति कर रहे हैं।
अबू आजमी ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा कि टीपू सुल्तान की जयंती को लेकर पहले भी विवाद खड़ा किया गया था और सरकार ने उस पर रोक लगा दी थी। हालांकि, वर्ष 2024 में बॉम्बे हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि उनकी जयंती मनाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि टीपू सुल्तान ने अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ी और भारत की आजादी के लिए संघर्ष किया। इतिहास से उनका नाम कोई मिटा नहीं सकता। उन्होंने सवाल उठाया कि जिन लोगों द्वारा उन पर मंदिर तोड़ने के आरोप लगाए जाते हैं, वे यह स्पष्ट करें कि कब और किस मंदिर को तोड़ा गया।
सपा विधायक ने कहा कि आज देश में धार्मिक स्थलों को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि वे मंदिर या मस्जिद तोड़ने वालों के खिलाफ हैं और देश में भाईचारे का माहौल चाहते हैं। उनके अनुसार, टीपू सुल्तान एक बहादुर सिपाही और ‘मुजाहिद-ए-आजादी’ थे। उन्होंने कहा कि यदि वे अंग्रेजों के लिए क्रूर थे तो इसे भारत के स्वतंत्रता संग्राम के संदर्भ में देखा जाना चाहिए।
उन्होंने यह भी दावा किया कि टीपू सुल्तान के शासनकाल में कई क्षेत्रों की आर्थिक स्थिति ब्रिटेन से बेहतर थी। उन्होंने कहा कि इतिहास में दर्ज है कि टीपू सुल्तान ने कई मंदिरों को दान दिया और उनकी देखरेख का प्रबंध किया। उन्होंने कहा कि जिस तरह से टीपू सुल्तान ने देश की रक्षा के लिए अंग्रेजों से युद्ध लड़ा, उसे भुलाया नहीं जा सकता।
मालेगांव के डिप्टी मेयर द्वारा कार्यालय में तस्वीर लगाए जाने के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि यदि किसी ने अपने दफ्तर में टीपू सुल्तान की तस्वीर लगाई है तो उसमें आपत्ति की कोई बात नहीं होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इतिहास के मुद्दों को उछालकर समाज को बांटने की कोशिश कर रही है। उन्होंने बाबरी मस्जिद का जिक्र करते हुए सवाल किया कि उसे किसने तोड़ा और आज कितनी मस्जिदें तोड़ी जा रही हैं।
इस बीच भारत की जीत पर अबू आजमी ने देशवासियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को मैच खेलने का बहुत शौक था और अब उन्हें अपनी हैसियत का अंदाजा हो गया होगा। उन्होंने देश में शांति और आपसी सद्भाव बनाए रखने की अपील की।