भुवनेश्वर, 16 फरवरी। ओडिशा विधानसभा की अध्यक्ष सुरमा पाधी ने सोमवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई। इस दौरान विपक्ष तथा सत्तापक्ष दोनों से बजट सत्र को शांतिपूर्ण और सुचारू रूप से चलाने के लिए सहयोग मांगा गया। बजट सत्र मंगलवार से शुरू होने वाला है।
बैठक में मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी, संसदीय कार्य मंत्री मुकेश महालिंग, बीजू जनता दल (बीजेडी) की मुख्य सचेतक प्रमिला मलिक, कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) के नेता राम चंद्र कडम समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए।
बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए संसदीय कार्य मंत्री महालिंग ने कहा, “सर्वसम्मति से यह तय किया गया कि सदन को सुचारू और व्यवस्थित तरीके से चलाया जाएगा। सत्र के लिए तय नियमों, प्रक्रियाओं और कार्यसूची के अनुसार ही सदन की कार्यवाही होगी।”
उन्होंने बताया कि सत्र की शुरुआत मंगलवार को ओडिशा के राज्यपाल हरि बाबू कंभमपति के अभिभाषण से होगी। 20 फरवरी को मुख्यमंत्री माझी वित्त वर्ष 2026–27 का वार्षिक राज्य बजट पेश करेंगे।
महालिंग ने कहा कि अनुदान की मांगों पर 14 दिन चर्चा के बाद 2026–27 के बजट के लिए विनियोग विधेयक 31 मार्च को पेश किया जाएगा। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, 17वीं ओडिशा विधानसभा का छठा सत्र 8 अप्रैल को समाप्त होने वाला है।
यह सत्र दो चरणों में आयोजित होगा और इसमें कुल 28 कार्य दिवस होंगे। कार्यक्रम के अनुसार, 17 फरवरी को राज्यपाल के अभिभाषण के बाद 19 फरवरी तक धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा होगी।
इस बीच, विपक्षी नेताओं ने मीडिया से कहा कि किसानों की परेशानी और कोटिया मुद्दे सहित कई विषयों को विधानसभा में उठाया जाएगा, ताकि सरकार की विफलताओं की ओर ध्यान आकर्षित किया जा सके।
बीजेडी की मुख्य सचेतक प्रमिला मलिक ने कहा, “हम राज्यभर के किसानों की समस्याओं को जरूर उठाएंगे, जिसमें धान की उठाव में देरी और ‘कटनी-छंटनी’ जैसी लगातार जारी समस्याएं शामिल हैं।”
वहीं, कांग्रेस विधायक दल के नेता ने कहा कि पार्टी की रणनीति पर फैसला शाम को होने वाली कांग्रेस विधायकों की बैठक के बाद किया जाएगा।