बेंगलुरु, 16 फरवरी। कर्नाटक में खराब और असुरक्षित सड़क ढांचे के कारण हुए तीन अलग-अलग हादसों में तीन लोगों की मौत हो गई। इन घटनाओं के बाद खासकर बेंगलुरु के महादेवपुरा इलाके में लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और प्रदर्शन किए गए।
पहली घटना बेंगलुरु के महादेवपुरा इलाके के हलेहल्ली स्थित इत्तमाडु ग्राम पंचायत रोड पर हुई। यहां दो वर्षीय त्रिशूल की दर्दनाक मौत हो गई। बताया गया है कि रविवार शाम करीब 5:30 बजे महाशिवरात्रि के अवसर पर परिजन बच्चे को मंदिर ले गए थे। वापस लौटते समय जिस बाइक पर बच्चा सवार था, उसे एक कार ने टक्कर मार दी। टक्कर लगने से बच्चा सड़क पर गिर गया और कार के नीचे आ गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
सोमवार को परिजनों और स्थानीय लोगों ने इलाके में प्रदर्शन कर न्याय की मांग की। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सड़क की खराब और “अवैज्ञानिक” बनावट हादसे की मुख्य वजह है। उनका कहना है कि सड़क का एक हिस्सा ऊंचा और दूसरा ढलान वाला है, जिससे वाहन चालक संतुलन खो देते हैं।
स्थानीय लोगों ने दावा किया कि इसी सड़क पर यह पांचवीं मौत है और पिछले कई वर्षों में सैकड़ों हादसे हो चुके हैं। उनका कहना है कि वे पिछले 15 वर्षों से खराब सड़क की समस्या झेल रहे हैं। छह महीने पहले सड़क पर केवल जेली स्टोन डाले गए थे, लेकिन निर्माण कार्य अधूरा ही छोड़ दिया गया। इससे स्कूल के बच्चों और रोजाना आने-जाने वाले लोगों को भारी परेशानी हो रही है।
ग्राम पंचायत अधिकारियों ने कहा कि यह सड़क लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिकार क्षेत्र में आती है। उन्होंने बताया कि नई सड़क के निर्माण का प्रस्ताव भेजा गया है और काम शुरू भी किया गया था। घटना की जानकारी पीडब्ल्यूडी को दे दी गई है और पुलिस ने भी विभाग को पत्र लिखा है। अधिकारियों ने खुद को जूनियर स्तर का बताते हुए कहा कि उन्होंने अपने अधिकार क्षेत्र में जो संभव था, वह किया।
दूसरी घटना बेंगलुरु के ऑडुगोड़ी थाना क्षेत्र में हुई, जहां 49 वर्षीय अमला की मौत हो गई। रविवार सुबह करीब 11 बजे वह अपने बेटे के साथ स्कूटर से चर्च से लौट रही थीं। ऑडुगोड़ी जंक्शन के पास एक टिप्पर लोरी ने दोपहिया वाहन को टक्कर मार दी और उन्हें कुचल दिया।
घटना में उनके दोनों पैरों में गंभीर चोटें आईं और वह वाहन के नीचे फंस गईं। स्थानीय लोगों ने उन्हें बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। उनका बेटा मामूली रूप से घायल हुआ। पुलिस के अनुसार, लोरी चालक की लापरवाही हादसे की मुख्य वजह थी।
तीसरी घटना शिवमोग्गा से सामने आई, जहां 35 वर्षीय मोहम्मद सोहैल की मौत हो गई। यह हादसा 12 फरवरी को सावलंगा रोड पर एलबीएस रोड के पास हुआ था। सोहैल मोबाइल की दुकान में काम करते थे और घर लौट रहे थे।
परिजनों का आरोप है कि खराब डिजाइन वाले स्पीड ब्रेकर के कारण हादसा हुआ। हालांकि पुलिस सूत्रों का कहना है कि सोहैल तेज रफ्तार में वाहन चला रहे थे। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन सोमवार को उन्होंने दम तोड़ दिया। बताया जा रहा है कि इस सड़क पर पहले भी कई हादसे हो चुके हैं।
इन तीनों घटनाओं के बाद स्थानीय लोगों और परिजनों ने सड़कों की तत्काल मरम्मत और खराब तरीके से बनाए गए स्पीड ब्रेकरों को सुधारने की मांग तेज कर दी है।