'विकसित भारत' लक्ष्य: PM मोदी बोले - बजट 'नाउ ऑर नेवर' नहीं, देश की 'तैयारी' और 'आत्मविश्वास' का पल

बजट 2026 'विकसित भारत' की दिशा में मजबूत कदम; यह'नाउ ऑर नेवर' नहीं, बल्कि 'हम तैयार हैं' का पल: पीएम मोदी


नई दिल्ली, 15 फरवरी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि इस साल का बजट किसी मजबूरी में लिया गया 'नाउ ऑर नेवर' फैसला नहीं है, बल्कि यह तैयारी और प्रेरणा से पैदा हुआ 'हम तैयार हैं' का पल है। उन्होंने कहा कि यह बजट भारत की विकसित राष्ट्र बनने की इच्छा को दर्शाता है।

पीटीआई को दिए एक खास इंटरव्यू में पीएम मोदी ने कहा कि उनकी सरकार का कोई भी बजट सिर्फ औपचारिक 'बही-खाता' जैसा दस्तावेज बनाने की सोच से नहीं बनाया गया, क्योंकि यह उनका तरीका नहीं है।

उन्होंने याद दिलाया कि कुछ साल पहले लाल किले से उन्होंने कहा था, "यही समय है, सही समय है।" उन्होंने कहा कि 'अब समय है' की भावना उनकी सरकार में हमेशा रही है।

उन्होंने कहा, "लेकिन आज यह भावना सिर्फ सरकार तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे देश का विश्वास बन चुकी है। देश में एक नया आत्मविश्वास दिखाई दे रहा है।"

मोदी ने कहा कि अलग-अलग चुनौतियों के समय भी भारत ने अपनी मजबूत पहचान दिखाई है और कठिन वैश्विक परिस्थितियों में भी विकास का उज्ज्वल केंद्र बना हुआ है।

जब उनसे पूछा गया कि क्या भारत अब 2047 तक 'विकसित भारत' के लक्ष्य की दिशा में अगला बड़ा कदम उठाने के लिए तैयार है और क्या यह 'अब या कभी नहीं' जैसी स्थिति है, तो प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि महामारी के बाद की दुनिया भारत के लिए नए अवसर लेकर आई है। कई देश व्यापार और नवाचार में भारत के साथ साझेदारी करना चाहते हैं।

उन्होंने कहा कि भारत के पास युवा और कुशल आबादी है। सरकार मजबूत विकास, कम महंगाई और स्थिर अर्थव्यवस्था पर ध्यान दे रही है। भारत के युवा अंतरिक्ष, खेल और स्टार्टअप जैसे क्षेत्रों में आगे बढ़ रहे हैं। देश में राजनीतिक स्थिरता और सुधारों पर आधारित नीति वातावरण है।

उन्होंने कहा कि इन सब कारणों से लोग इसे भारत के लिए एक ऐतिहासिक अवसर के रूप में देख रहे हैं। इसी दौरान देश ने 'आजादी का अमृत महोत्सव' भी मनाया, जिससे लोगों में एक मिशन की भावना पैदा हुई।

मोदी ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में लोगों के व्यवहार में भी बदलाव आया है। चाहे स्वच्छता हो या कोई और मुद्दा, लोग समझते हैं कि विकसित राष्ट्र बनना सिर्फ बुनियादी ढांचे या अर्थव्यवस्था का सवाल नहीं है, बल्कि सामाजिक आदतों से भी जुड़ा है।

उन्होंने कहा, "यह मजबूरी में लिया गया 'नाउ ऑर नेवर' फैसला नहीं है। यह तैयारी और प्रेरणा से पैदा हुआ 'हम तैयार हैं' का पल है। यह बजट विकसित राष्ट्र बनने की इसी भावना को दर्शाता है।"

प्रधानमंत्री ने कहा कि इस बजट को केवल बजट 2026 के रूप में नहीं, बल्कि 21वीं सदी के दूसरे चरण के पहले बजट के रूप में देखना चाहिए।

उन्होंने बताया कि यह बजट 2014 से अब तक की उपलब्धियों को मजबूत करता है और अगले 25 वर्षों के लिए नई गति देता है। जैसे 1920 के दशक के फैसलों ने 1947 की आजादी की नींव रखी थी, वैसे ही आज लिए जा रहे फैसले 2047 के विकसित भारत की नींव रख रहे हैं।

मोदी ने दोहराया कि उनकी सरकार का कोई भी बजट सामान्य 'बही-खाता' की तरह नहीं रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले 25 वर्षों में, पहले राज्य स्तर पर और अब राष्ट्रीय स्तर पर, उन्होंने हमेशा व्यापक रणनीति, स्पष्ट योजना और प्रभावी क्रियान्वयन पर काम किया है।

उन्होंने कहा कि 2014 के बाद से बजट सिर्फ आंकड़ों या घोषणाओं का दस्तावेज नहीं रहा, बल्कि उसमें स्पष्ट इरादा, रोडमैप और तय समयसीमा के साथ कदम शामिल रहे हैं। एक बजट में जो शुरुआत होती है, उसे अगले बजट में आगे बढ़ाया जाता है।

इन वर्षों में सरकार ने पिछली सरकारों से मिली संरचनात्मक कमियों को दूर किया, बड़े सुधार किए, गरीबों के लिए अवसर बढ़ाए, युवाओं को सशक्त बनाया, महिलाओं की भूमिका मजबूत की और किसानों की गरिमा और सुरक्षा सुनिश्चित की।

उन्होंने कहा कि सरकार ने तकनीक आधारित लेकिन मानवीय दृष्टिकोण वाला कल्याणकारी ढांचा बनाया है, जो अंतिम व्यक्ति तक पहुंचता है और किसी को पीछे नहीं छोड़ता।

प्रधानमंत्री ने कहा कि हर कदम पर राष्ट्र निर्माण, अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और विकसित भारत की नींव रखना ही मुख्य लक्ष्य रहा है।

उन्होंने कहा, "यह बजट इस यात्रा का अगला चरण है, जो हमारी 'रिफॉर्म एक्सप्रेस' को नई गति देगा। यह युवाओं को तेजी से बदलती दुनिया के अवसरों के लिए तैयार करने के लिए बनाया गया है।"
 
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