लाहौर, 15 फरवरी। पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को एक नेक सलाह दी है। कार्यकर्ताओं और आम लोगों के बीच मंच से बिना नाम लिए कहा है कि जेल के हालात की शिकायत करने से अच्छा है उसमें रम जाया जाए और "उसे इबादत की जगह समझा जाए।"
जरदारी ने दक्षिण पंजाब में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए ये मशविरा दिया। विभिन्न मीडिया आउटलेट्स में उनका ये बयान प्रकाशित किया गया।
प्रमुख पाकिस्तानी मीडिया आउटलेट डॉन के अनुसार उन्होंने पाकिस्तान-तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के संस्थापक को नेता का 'फर्ज' याद दिलाया। उन्होंने कहा कि एक नेता का यह फर्ज है कि वह पार्टी और लोगों की सुरक्षा के लिए लड़े और जेल जाए।
इमरान खान का नाम लिए बिना, जरदारी ने उनकी शिकायतों का पुलिंदा पेश कर दिया। उन्होंने कहा, "वे 18 महीने की हिरासत के बाद ही जेल की हालत के बारे में शिकायत करने लगे हैं। कभी वे कहते हैं कि उनकी आंखों में दर्द है। कभी वे शिकायत करते हैं कि दूध नहीं है। ऐसा नेता बलिदान देना नहीं जानता और उसमें हिम्मत की कमी होती है।"
इसके बाद जरदारी ने आपबीती सुनाते हुए इबादत वाली सलाह दे डाली। बताया, "मैंने खुद 14 साल जेल में बिताए, मुश्किलें झेलीं लेकिन कभी हिम्मत नहीं हारी। जेल इबादत की जगह है, और जो लोग इबादत करते हैं उनकी दुआएं कबूल होती हैं।"
दुनिया न्यूज के मुताबिक उन्होंने कार्यकर्ताओं को भी सलाह दी कि उन्हें गिरफ्तार होने से डरना नहीं चाहिए। उन्होंने वादा किया कि वह पाकिस्तान को बनाने और बेहतर बनाने के लिए काम करेंगे और जब तक उनका मिशन पूरा नहीं हो जाता, तब तक पद नहीं छोड़ेंगे।
जरदारी कह चुके हैं कि एक दिन पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी दो-तिहाई बहुमत से जीतेगी और बिलावल को प्रधानमंत्री बनाएगी।
इन दिनों पाकिस्तान की राजनीति में इमरान खान की सेहत को लेकर हल्ला मचा हुआ है। विपक्षी गठबंधन संसद परिसर में धरने पर बैठा है और परिवार उनकी सेहत को लेकर फिक्रमंद है। दरअसल, हाल ही में उनसे मिल कर लौटे कोर्ट की ओर से नियुक्त एमिकस क्यूरी सलमान सफदर ने अपनी रिपोर्ट में उनकी गिरती सेहत का हवाला दिया। उन्होंने बताया कि, अडियाला जेल में बंद इमरान खान की दाहिनी आंख में मात्र 15 प्रतिशत रोशनी रह गई है यानी वो 85 प्रतिशत रोशनी खो चुके हैं।