वाशिम, 14 फरवरी। महाराष्ट्र के वाशिम जिले में 12वीं बोर्ड परीक्षा के दौरान सामने आए नकल प्रकरण ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। “नकल मुक्त अभियान” के दावों के बीच मानोरा और रिसोड़ तहसीलों में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों के नकल करते पकड़े जाने के बाद अब जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
पहले मानोरा तालुका में 19 विद्यार्थी नकल करते पकड़े गए, जिनमें रुई गोस्ता की एक ही स्कूल के 17 छात्र शामिल थे। इसके बाद 12 फरवरी को रिसोड़ तालुका के एक परीक्षा केंद्र पर 21 छात्र नकल करते हुए धराए गए, जबकि एक अन्य स्कूल में भी 3 विद्यार्थियों के खिलाफ कार्रवाई की गई। लगातार सामने आ रहे इन मामलों ने परीक्षा व्यवस्था की सख्ती पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है।
उड़नदस्ता टीमों द्वारा अचानक निरीक्षण में कॉपी, पर्चियां और अन्य अनुचित साधनों का उपयोग करते विद्यार्थियों को पकड़ा गया। बोर्ड नियमों के अनुसार छात्रों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
इस बीच, संबंधित परीक्षा केंद्रों पर ड्यूटी निभा रहे कुछ कर्मचारियों के नाम भी सामने आए हैं। प्राथमिक जांच के बाद कुछ कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई के पत्र जारी किए गए हैं। अब विभागीय स्तर पर उनसे जवाब तलब किया जा रहा है।
सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे और निगरानी व्यवस्था मौजूद थी, तो इतनी बड़ी संख्या में नकल कैसे संभव हुई? क्या यह केवल छात्रों की गलती थी या निगरानी में भी गंभीर लापरवाही हुई?
अभिभावकों और नागरिकों की मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों पर भी कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में “नकल मुक्त अभियान” सिर्फ दावा बनकर न रह जाए। अब सभी की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी है।