बीजिंग, 14 फरवरी। 1 से 7 फरवरी तक, उरुग्वे के राष्ट्रपति यामांदू ओरसी ने विभिन्न उद्योगों के एक बड़े प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करते हुए चीन का दौरा किया। पदभार संभालने के बाद, यह ओरसी की चीन की पहली राजकीय यात्रा थी, जिसके दौरान उन्होंने चाइना मीडिया ग्रुप (सीएमजी) को एक विशेष साक्षात्कार दिया।
साक्षात्कार में अपनी चीन यात्रा पर विचार करते हुए राष्ट्रपति ओरसी ने कहा कि उन्होंने असली चीन को देखा है। उनके विचार में चाहे अतीत हो, वर्तमान हो या भविष्य, दुनिया को असली चीन को समझने की जरूरत है।
ओरसी ने चीन-उरुग्वे संबंधों के भविष्य के विकास के बारे में पूर्ण विश्वास व्यक्त करते हुए कहा, "उरुग्वे और चीन के बीच 38 साल पहले राजनयिक संबंध स्थापित होने के बाद से, चीन का दौरा करने वाले प्रत्येक उरुग्वे के राष्ट्रपति का एक ही लक्ष्य रहा है, दोनों देशों के बीच मैत्रीपूर्ण संबंधों को मजबूत करना।"
जानकारी के अनुसार, उरुग्वे दक्षिण अमेरिका के दक्षिणपूर्वी भाग में स्थित है। गोमांस का एक प्रमुख निर्यातक और उपभोक्ता होने के नाते, उरुग्वे में 1.2 करोड़ से अधिक मवेशी हैं। इसके कृषि और पशुधन उद्योग अच्छी तरह से विकसित हैं और उद्योग मुख्य रूप से कृषि और पशुधन उत्पादों के प्रसंस्करण पर केंद्रित है।
वर्तमान में, चीन उरुग्वे का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार बना हुआ है, और कई चीनी कंपनियों ने उरुग्वे में कारखाने स्थापित किए हैं, जिससे औद्योगिक आदान-प्रदान और तकनीकी सहयोग लगातार गहराता जा रहा है।
दोनों देशों के बीच सहयोग के नए क्षेत्र और अवसरों के बारे में बात करते हुए, ओरसी ने कहा कि कुछ साल पहले, चीन के साथ सहयोग में उरुग्वे का मुख्य ध्यान कृषि निर्यात, खासकर गोमांस और सोयाबीन पर था। लेकिन आज, उद्योग, वैज्ञानिक अनुसंधान, शिक्षा जगत और रसद के प्रतिनिधि भी उनके साथ चीन की यात्राओं पर आए हैं। साथ ही, जैव प्रौद्योगिकी क्षेत्र धीरे-धीरे इसमें शामिल हो रहा है। ये खोज और सहयोग उरुग्वे-चीन संबंधों को मजबूत करने और एक बेहतर उरुग्वे के लिए ठोस आधार तैयार करने में योगदान दे रहे हैं।
राजधानी पेइचिंग से वाणिज्यिक शहर शांगहाई तक, राष्ट्रपति ओरसी की चीन यात्रा गतिविधियों से भरी हुई थी, जिसमें विश्वविद्यालय के छात्रों के साथ बातचीत, युवा खिलाड़ियों के साथ फुटबॉल खेलना, शांगहाई यांगशान बंदरगाह का दौरा करना और एक व्यापार निवेश मंच में भाग लेना शामिल था। जैसा कि उन्होंने स्वयं सोशल मीडिया पर बताया, इस यात्रा का उद्देश्य न केवल द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना था, बल्कि व्यापार, शिक्षा और संस्कृति जैसे विभिन्न क्षेत्रों में आदान-प्रदान और सहयोग को बढ़ावा देना भी था।
चीनी पारंपरिक नववर्ष यानी वसंत त्योहार के आगमन पर, राष्ट्रपति ओरसी ने सीएमजी के माध्यम से चीनी लोगों को वसंत महोत्सव के प्रति हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि उरुग्वे और चीन के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना की 38वीं वर्षगांठ पर, दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी अपने ऐतिहासिक रूप से सर्वश्रेष्ठ दौर में है। चीन उरुग्वे का एक महत्वपूर्ण साझेदार है और वह आशा करते हैं कि दोनों देश विभिन्न क्षेत्रों में आदान-प्रदान और सहयोग को और गहरा करेंगे, ताकि दोनों देशों के लोगों को बेहतर लाभ मिल सके।
उन्होंने यह भी कहा कि बहुपक्षवाद के प्रबल समर्थक के रूप में, उरुग्वे चीन के साथ मिलकर एक अधिक परस्पर संबद्ध, स्थिर और सामंजस्यपूर्ण विश्व के निर्माण की दिशा में काम करने के लिए तत्पर है।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)