पीयूष गोयल: भारत-अमेरिका ट्रेड डील संतुलित और निष्पक्ष है, निर्यात बढ़ेगा और घरेलू हित सुरक्षित

भारत-अमेरिका ट्रेड डील संतुलित, निर्यात केंद्रित वृद्धि को मिलेगा बढ़ावा: पीयूष गोयल


मुंबई, 14 फरवरी। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को विपक्ष के उन दावों को खारिज किया, जिसमें कहा गया था कि भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौता घरेलू हितों को नुकसान पहुंचता है।

उन्होंने कहा कि भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौता संप्रभुता को छोड़े बिना उपभोक्ता हितों और निर्यात-आधारित विकास के बीच संतुलन बनाने के लिए तैयार किया गया है।

गोयल ने कहा कि 4 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था होने के चलते हमने इस समझौते में मजबूत स्थिति में डील की है और अपने देश के आत्मनिर्भर सेक्टर्स को सुरक्षित रखा है।

केंद्रीय मंत्री गोयल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस आंतरिक समझौते को "निष्पक्ष और संतुलित" बताते हुए कहा कि पांच वर्षों में 500 अरब डॉलर के अमेरिकी सामान (ऊर्जा, विमान, प्रौद्योगिकी) खरीदने का लक्ष्य केवल एक "इरादा" है, बाध्यकारी दायित्व नहीं, और यह भारत की वास्तविक व्यावसायिक आवश्यकताओं से प्रेरित है।

उन्होंने आगे कहा, "अमेरिका ने भारतीय निर्यात पर रेसिप्रोकल टैरिफ 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया है। इससे भारत को चीन (35 प्रतिशत) और बांग्लादेश/वियतनाम (20 प्रतिशत) जैसे प्रतिस्पर्धियों पर स्पष्ट लाभ प्राप्त होता है। कई प्रमुख भारतीय क्षेत्रों को अब शून्य शुल्क का लाभ मिलेगा।"

उन्होंने कहा कि चावल, गेहूं, मक्का, बाजरा और दुग्ध जैसे "संवेदनशील" कृषि उत्पादों को इस समझौते से बाहर रखा गया है, ताकि इस ट्रेड डील का कोई नकारात्मक असर न हो।

केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा, "अमेरिका को दुग्ध, मुर्गी पालन, मांस, गेहूं, चावल, मक्का और सोयाबीन पर कोई शुल्क रियायत नहीं दी गई है।"

उन्होंने कहा, "भारत ने केवल उन वस्तुओं के लिए चुनिंदा पहुंच की अनुमति दी है जिनकी उसे आवश्यकता है या जिनका वह अधिशेष उत्पादन नहीं करता है, जैसे अखरोट, पिस्ता और कुछ विशेष प्रकार की शराब, जिन पर न्यूनतम आयात मूल्य लागू है।"

केंद्रीय मंत्री गोयल ने भारतीय कपास उद्योग के लिए "विशाल और उज्ज्वल भविष्य" की भविष्यवाणी करते हुए कहा कि व्यापार समझौता उत्पादकों को नुकसान पहुंचाने के बजाय मांग को बढ़ाएगा।

केंद्रीय मंत्री गोयल ने बताया कि भारत को अगले पांच वर्षों में लगभग 100 अरब डॉलर मूल्य के बोइंग विमान, इंजन और स्पेयर पार्ट्स आयात करने की उम्मीद है।

उन्होंने कहा कि विमानन क्षेत्र में इस वृद्धि से दूरदराज के क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बेहतर होगी और संभवतः भारतीय नागरिकों के लिए हवाई किराया कम हो जाएगा।
 

Similar threads

Latest Replies

Trending Content

Forum statistics

Threads
6,897
Messages
6,929
Members
18
Latest member
neodermatologist
Back
Top