त्रिची, 14 फरवरी। तमिलनाडु के त्रिची (तिरुचिरापल्ली) में महात्मा गांधी मेमोरियल सरकारी अस्पताल (एमजीएमजीएच) से तीन दिन के नवजात शिशु के अपहरण की घटना ने पूरे राज्य में हड़कंप मचा दिया है। पुलिस ने मामले को संज्ञान में लेते हुए एक की गिरफ्तारी की है, जिस पर बच्चे को वैक्सीन लगवाने के बहाने मां की गोद से छीनकर ले जाने का आरोप है। बच्चे की तलाश जारी है और परिवार सदमे में है।
घटना के अनुसार, थुरैयूर की रहने वाली सुकन्या ने 11 फरवरी को अस्पताल में एक बेटे को जन्म दिया था। उनकी चचेरी बहन प्रेमा उनके साथ थीं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपी महिला ने वैक्सीनेशन या चेकअप के बहाने बच्चे को गोद में लिया और उसे ले गई। मातृत्व वार्ड में सुरक्षा की कमी के कारण यह घटना हुई। परिवार ने तुरंत शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य सुरागों के आधार पर एक गिरफ्तारी की है, लेकिन बच्चे की बरामदगी अभी नहीं हुई है।
यह घटना सरकारी अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। गरीब और बेसहारा परिवारों के लिए सरकारी स्वास्थ्य केंद्र असुरक्षित साबित हो रहे हैं। विपक्षी नेता गोविंदराज ने इस घटना पर गहरा दुख और हैरानी जताई है। उन्होंने कहा, "यह सुनकर बहुत दुख और हैरानी हुई कि त्रिची के सरकारी जनरल हॉस्पिटल से एक अजीब आदमी ने वैक्सीन लगवाने के बहाने तीन दिन के बच्चे को किडनैप कर लिया। यह सरकार में जो 'लोगों की सरकार' होने का दावा करती है, यह मंजूर नहीं है कि एक सरकारी हॉस्पिटल में मां की गोद से बच्चा छीन लिया जाए।"
गोविंदराज ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने कहा कि बच्चे को जल्द बचाने के लिए सभी संसाधन लगाए जाएं, माता-पिता को न्याय मिले, और दोषियों के खिलाफ बिना रहम के सख्त कार्रवाई हो। साथ ही, तमिलनाडु के सभी सरकारी अस्पतालों, खासकर मैटरनिटी वार्ड में तुरंत कड़े सुरक्षा इंतजाम किए जाएं। उन्होंने बायोमेट्रिक्स और पहचान पत्र वेरिफिकेशन जैसी आधुनिक तकनीक तुरंत लागू करने पर जोर दिया ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
पुलिस ने मामले में आईपीसी की धारा 363 (अपहरण) और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। जांच में महिला के अन्य संभावित साथियों की तलाश की जा रही है।