असम में हाईवे पर इमरजेंसी एयर स्ट्रिप सक्रिय, पीएम मोदी ने C-130J से उतरकर वायुसेना की क्षमता बढ़ाई

असम में एयरफोर्स को मिली नई इमरजेंसी लैंडिंग फैसेलिटी, पीएम मोदी के सी-130 जे एयरक्राफ्ट के उतरते ही एयर स्ट्रिप हुई सक्रिय


डिब्रूगढ़, 14 फरवरी। टू-फ्रंट वॉर की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए सेना अपनी तैयारियों को तेजी से अमलीजामा पहनाने में जुटी है। उत्तर-पूर्व में भी सेना के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण का कार्य तेजी से जारी है। इसी कड़ी में भारतीय वायुसेना को उत्तर-पूर्व में पहली बार हाईवे पर इमरजेंसी लैंडिंग फैसेलिटी मिली है। डिब्रूगढ़ के मोरान से गुजरने वाले नेशनल हाईवे नंबर 2 पर 4.2 किलोमीटर लंबी एयर स्ट्रिप तैयार की गई है।

शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एयरफोर्स के सी-130 जे सुपर हरक्यूलिस विमान से लैंडिंग कर इस इमरजेंसी लैंडिंग फैसेलिटी का उद्घाटन किया। इससे पहले 16 नवंबर 2021 को प्रधानमंत्री मोदी ने उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर के पास पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर बनी एयर स्ट्रिप का उद्घाटन भी सी-130 जे सुपर हरक्यूलिस विमान से लैंडिंग कर किया था।

प्रधानमंत्री की मौजूदगी में एयरफोर्स के विमानों ने इस एयर स्ट्रिप पर लैंडिंग और टेकऑफ का प्रदर्शन किया। पीएम मोदी के पहुंचने से पहले एक राफेल और एक सुखोई-30 विमान ने लैंडिंग की। इसके बाद सी-130 जे की लैंडिंग हुई। प्रधानमंत्री के आगमन के बाद वायुसेना के फाइटर और ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट की ड्रिल शुरू हुई। सबसे पहले सुखोई और फिर राफेल ने टेकऑफ किया। इसके बाद एक एएन-32 ट्रांसपोर्ट विमान ने एयर स्ट्रिप पर लैंडिंग की।

फ्लाई-पास्ट के दौरान पहले तीन सुखोई मंच के सामने से गुजरे। फिर दो सुखोई लौटकर रनवे के ऊपर से ओवरशूट करते हुए निकले और तीसरे सुखोई ने लैंडिंग की। इसी तरह राफेल विमानों ने भी ड्रिल का प्रदर्शन किया। इसके बाद वायुसेना के दो-दो एडवांस लाइट हेलीकॉप्टर ‘ध्रुव’ के जरिए कैजुअल्टी इवैक्यूएशन ड्रिल को अंजाम दिया गया।

देशभर में एयरफोर्स के लिए इमरजेंसी लैंडिंग सुविधाओं का निर्माण जारी है। इसी क्रम में पूर्वोत्तर की पहली इमरजेंसी लैंडिंग सुविधा असम के डिब्रूगढ़ जिले के मोरान इलाके में हाईवे पर बनाई गई है। केंद्र सरकार का सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय एयरफोर्स की मदद से नेशनल हाईवे पर इमरजेंसी लैंडिंग फैसेलिटी तैयार कर रहा है।

संसद में दिए गए एक जवाब में मंत्रालय ने जानकारी दी थी कि भारतीय वायुसेना ने देश के विभिन्न हिस्सों में 28 इमरजेंसी लैंडिंग फैसेलिटी बनाए जाने के लिए जगह की पहचान की है। इनमें असम में 5, पश्चिम बंगाल में 4, राजस्थान, आंध्र प्रदेश और गुजरात में 3-3, तमिलनाडु, बिहार, जम्मू-कश्मीर और हरियाणा में 2-2, तथा पंजाब और उत्तर प्रदेश में 1-1 फैसेलिटी शामिल हैं। ये सभी ईएलएफ नेशनल हाईवे पर बनाए जा रहे हैं। इनमें से कई तैयार हो चुके हैं और उनका आधिकारिक उद्घाटन भी किया जा चुका है। नेशनल हाईवे के साथ-साथ राज्य सरकारें स्टेट हाईवे पर भी ऐसी सुविधाओं का निर्माण कर रही हैं।

पिछले वर्ष आंध्र प्रदेश के बापटला जिले के अड्डंकी में नेशनल हाईवे नंबर 16 पर बने इमरजेंसी लैंडिंग फैसेलिटी को सक्रिय किया गया था। इससे पहले 2016 में दिल्ली-आगरा एक्सप्रेसवे और 2017 में लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे (उन्नाव) पर भी ऐसे अभ्यास किए जा चुके हैं। राजस्थान में भारत-पाकिस्तान सीमा के पास भी नेशनल हाईवे पर इमरजेंसी एयर स्ट्रिप का उद्घाटन किया गया था।

दरअसल, इन हाईवे इमरजेंसी लैंडिंग स्ट्रिप्स की आवश्यकता इसलिए भी होती है क्योंकि युद्ध की स्थिति में दुश्मन का पहला निशाना एयरबेस होते हैं। ऐसे में वैकल्पिक व्यवस्थाएं तैयार रखना जरूरी होता है। इसके अलावा, यदि हवाई मुकाबले के बाद किसी विमान में ईंधन कम रह जाए और वह एयरबेस तक न पहुंच सके, तो ऐसी लैंडिंग स्ट्रिप पर सुरक्षित उतर सकता है। आपदा की स्थिति में राहत और बचाव कार्यों के लिए भी इन रनवे का उपयोग किया जा सकता है।
 

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