छत्तीसगढ़ में 'वीआईपी ट्रेड' के नाम पर ठगी का भंडाफोड़, 8 लाख से ज्यादा का चूना लगाने वाले 4 धोखेबाज गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ : वीआईपी ट्रेड कंपनी के चार आरोपी गिरफ्तार, 8 लाख से ज्यादा की ठगी का खुलासा


बलौदाबाजार (छत्तीसगढ़), 14 फरवरी (आईएएनएस)। थाना सिटी कोतवाली पुलिस ने ज्यादा रिटर्न का लालच देकर लोगों से ठगी करने वाले चार आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है।

ये आरोपी राजस्थान के किशनगढ़ और आसपास के इलाकों से जुड़े थे और उन्होंने वीआईपी ट्रेड नाम की फर्जी कंपनी बनाकर पूरे देश में ठगी का जाल फैलाया था। इस मामले में एक शिकायतकर्ता से ही 8 लाख 6 हजार 640 रुपये की ठगी हुई है। लेकिन, पुलिस को संदेह है कि इससे कहीं ज्यादा लोग प्रभावित हो सकते हैं।

श्याम कॉलोनी बलौदाबाजार के निवासी रामचंद्र वस्त्रकर ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि जुलाई 2025 के अंत से अक्टूबर 2025 के मध्य तक आरोपियों ने संपर्क किया और वीआईपी ट्रेड कंपनी में निवेश करने पर हर महीने 10 से 12 प्रतिशत की गारंटी के साथ मुनाफा मिलने का वादा किया। कहा गया कि पैसों में रोजाना ग्रोथ होगी और जरूरत पड़ने पर आसानी से निकाला जा सकता है।

इस झांसे में आकर रामचंद्र ने कुल 8 लाख 6 हजार 640 रुपये कंपनी में जमा कर दिए। जब उन्होंने पैसा वापस मांगा तो आरोपियों ने कोई जवाब नहीं दिया और बाद में अपने मोबाइल नंबर बंद कर लिए। इससे उन्हें ठगी का पता चला।

इस शिकायत पर 13 फरवरी 2026 को थाना सिटी कोतवाली में अपराध क्रमांक 307/2025 दर्ज किया गया। इसमें भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 316(2) और 3(5) के तहत मामला बनाया गया है। पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता ने थाना प्रभारी और साइबर सेल को सख्त निर्देश दिए। टीम ने तकनीकी जांच और विश्लेषण से पता लगाया कि ठगी का पूरा नेटवर्क राजस्थान से संचालित हो रहा था। एक मुख्य आरोपी अजमेर के केंद्रीय कारागार में पहले से बंद था। न्यायालय से प्रोडक्शन वारंट लेकर पुलिस टीम ने राजस्थान जाकर चारों आरोपियों को हिरासत में लिया। पूछताछ में सभी ने वीआईपी ट्रेड कंपनी बनाकर ज्यादा रिटर्न का झांसा देकर लोगों से ठगी करने की बात कबूल की।

13 फरवरी 2026 को इन आरोपियों को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया पूरी की गई। मामला अभी जांच के दौर में है। पुलिस ने अपील की है कि यदि किसी अन्य व्यक्ति के साथ भी वीआईपी ट्रेड कंपनी ने ठगी की हो या निवेश के नाम पर पैसे मांगे गए हों, तो वह तुरंत थाना सिटी कोतवाली या स्थानीय साइबर सेल में संपर्क कर अपनी शिकायत दर्ज कराए।

गिरफ्तार आरोपियों के नाम इस प्रकार हैं: अब्दुल समद (60 वर्ष), निवासी भिश्ती मोहल्ला, गांधीनगर, किशनगढ़, राजस्थान; लोकेश चौधरी (26 वर्ष), निवासी रामदेव कॉलोनी, किशनगढ़, राजस्थान; कैलाश चौधरी (26 वर्ष), निवासी जाटो का मोहल्ला, थाना नारायणा, जयपुर ग्रामीण, राजस्थान; धीरज गट्टानी (25 वर्ष), निवासी न्यू कॉलोनी, कुचामन सिटी, राजस्थान।

पुलिस का कहना है कि ऐसी फर्जी निवेश योजनाओं से बचें और किसी भी अनजान कंपनी में पैसे लगाने से पहले पूरी जांच करें।
 

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