माघ मेले में शंकराचार्य प्रकरण पर सीएम योगी का सदन में गर्जना, बोले- कानून से बड़ा कोई नहीं

माघ मेले में शंकराचार्य प्रकरण पर सीएम योगी का सख्त संदेश, बोले- कानून से ऊपर कोई नहीं


लखनऊ, 13 फरवरी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने माघ मेले में शंकराचार्य से जुड़े प्रकरण पर सदन में स्पष्ट शब्दों में कहा कि प्रदेश में कानून सबके लिए समान है और कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं है।

उन्होंने कहा कि यह सदन कानून से चलता है। मैं मुख्यमंत्री हूं, लेकिन कानून मेरे लिए भी वही है जो एक आम नागरिक के लिए है। मर्यादाओं का पालन हर किसी को करना पड़ता है।

मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर पलटवार करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार में संबंधित संत पर लाठीचार्ज किया गया था, और आज वही लोग नैतिकता की बात कर रहे हैं। जिम्मेदार पद पर बैठा व्यक्ति अमर्यादित आचरण नहीं कर सकता। हम कानून का पालन करना जानते हैं और करवाना भी जानते हैं।

सीएम योगी ने कहा कि जहां साढ़े चार करोड़ श्रद्धालु मौजूद हों, वहां एग्जिट गेट से मेला क्षेत्र में प्रवेश की अनुमति देना गंभीर खतरे को जन्म दे सकता था। ऐसा कदम भगदड़ का कारण बन सकता था और श्रद्धालुओं के जीवन को खतरे में डाल सकता था। एक मर्यादित व्यक्ति ऐसा कार्य नहीं कर सकता।

मुख्यमंत्री ने जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर (जेपीएनआईसी) का उल्लेख करते हुए कहा कि इसकी डीपीआर पर 200 करोड़ रुपए खर्च हुए, जबकि 800 करोड़ रुपए खर्च होने के बावजूद परियोजना अधूरी रही। उन्होंने दावा किया कि पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का निर्माण उनकी सरकार में पूरा कराया गया, जिससे पूर्वी उत्तर प्रदेश को नई रफ्तार मिली।

सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश में खेलों के लिए बजट की कोई कमी नहीं है। राज्य सरकार ‘खेलो इंडिया’ से जोड़कर खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ा रही है। कॉमनवेल्थ, एशियाई खेल और ओलंपिक में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी देने की नीति पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि खेल अवसंरचना को मजबूत करने के लिए व्यापक काम किया जा रहा है।

उन्‍होंने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में हर वर्ष इंसेफलाइटिस से बड़ी संख्या में मौतें होती थीं, लेकिन उनकी सरकार ने प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया। उन्होंने इसका श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को देते हुए कहा कि सरकार “सिर्फ माफिया का ही नहीं, मच्छरों का भी इलाज करती है।”

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि सपा और कांग्रेस की नीतियों ने अन्नदाता किसान को कर्जदार बना दिया था और निवेशकों को पलायन के लिए मजबूर किया। बीते नौ वर्षों में स्पष्ट कृषि नीति के कारण खेती की लागत कम हुई है और उत्पादन बढ़ा है।

सीएम ने दावा किया कि देश की कुल कृषि भूमि का 11 प्रतिशत हिस्सा उत्तर प्रदेश के पास है, लेकिन राज्य 21 प्रतिशत खाद्यान्न उत्पादन कर रहा है। किसानों के खातों में अब तक 95 हजार करोड़ रुपये सीधे हस्तांतरित किए जा चुके हैं।

उन्होंने कहा कि खाद्यान्न उत्पादन में उत्तर प्रदेश देश में पहले स्थान पर है, जबकि दुग्ध और मत्स्य उत्पादन में भी राज्य ने उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है।
 

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