नई दिल्ली, 13 फरवरी। संसद सत्र के समापन के बाद भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला है। नेताओं का आरोप है कि विपक्ष ने सदन की कार्यवाही को बाधित कर महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा नहीं होने दी, जिससे देशहित के कई विषयों पर चर्चा नहीं हो पाई।
केंद्रीय मंत्री एसपी सिंह बघेल ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "यह सत्र इसलिए महत्वपूर्ण था क्योंकि राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा होती और बजट पर चर्चा होती जिसका देश इंतजार करता है, लेकिन विपक्ष ने इसमें व्यवधान डाला। बजट पर चर्चा में जब विकसित भारत का रोडमैप कैसे तैयार किया जा रहा है, अगर उस पर हमारे सांसद बोलते तो विपक्ष के पेट में दर्द होता, इसलिए उन्होंने लोकसभा को हंगामे की भेंट चढ़ा दिया।"
केंद्रीय मंत्री शांतनु ठाकुर ने कहा, "कांग्रेस नहीं चाहती कि संसद चले। कांग्रेस नहीं चाहती कि लोग संसद की कार्यवाही चलते हुए देखें। वे देश के लोगों को गुमराह कर रहे हैं। यह गैरकानूनी है और इसके खिलाफ एक्शन लिया जाना चाहिए।"
केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "मुझे लगता है कि कांग्रेस पार्टी का कोई और काम नहीं है। सवाल उठाना ही उनका एकमात्र काम लगता है, लेकिन जवाब देना हमारी जिम्मेदारी है। हम कुछ नया बनाना चाहते हैं। नई आधारभूत संरचना बनाने की जरूरत है। ब्रिटिश जमाने की इमारतों को बदलकर नई इमारत बनाने की जरूरत है।"
भाजपा सांसद हेमा मालिनी ने कहा, "कुल मिलाकर सत्र अच्छा नहीं रहा, कुछ नहीं हुआ। पिछली बार भी यही हुआ था। यह बहुत दुखद है कि हम सब यहां कुछ करने आते हैं लेकिन कुछ नहीं होता। पहले कभी ऐसा काम नहीं हुआ।" उन्होंने आगे कहा, "वंदे मातरम् हमारा राष्ट्रीय गीत है। उसका विरोध करना सही नहीं है। यही कहा जा रहा है कि पूरा वंदे मातरम् गाना चाहिए। इसमें गलत क्या है?"
भाजपा सांसद अरुण गोविल ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "पूरे सत्र में कुछ नहीं हुआ। पहले राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा थी जो बहुत ज्यादा खराब तरह से संपन्न हुई। उसके बाद बजट पर चर्चा थी जो बहुत मुश्किल से हुई। विपक्ष कुछ करने, बोलने नहीं देना चाहता। हमें भी बहुत परेशानी होती है। विपक्ष महिला सांसदों को प्रधानमंत्री की कुर्सी पर ले आया, उस दिन कुछ भी हो सकता था। यह बहुत दुखद है।"
भाजपा सांसद दामोदर अग्रवाल ने कहा, "कांग्रेस पूरे सेशन में बिना किसी बेसिस या एविडेंस के आरोप लगाती रही है। बिना प्रूफ के बकवास करने और हाउस को डिस्टर्ब करने से सेशन का काफी टाइम बर्बाद हुआ है। कांग्रेस पूरे सेशन में आरोप लगाती रही है।"
विपक्षी सदस्यों की ओर से विभिन्न मुद्दों पर लगातार विरोध प्रदर्शन और हंगामे के कारण शुक्रवार को लोकसभा को दो बार स्थगित करना पड़ा और तीन सप्ताह के अवकाश के बाद 9 मार्च को फिर से बैठक होगी।