नई दिल्ली, 13 फरवरी। भारत की शीर्ष क्रम की बल्लेबाजी ने वर्ष 2024 में पुरुष टी-20 विश्व कप जीतने के बाद से अपनी रणनीति स्पष्ट कर दी है- पावरप्ले में आक्रामक खेल, तेज शुरुआत और फिर टीम की डेप्थ के सहारे 200 से अधिक का स्कोर खड़ा करना। इसी सोच को गुरुवार को दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में ईशान किशन ने शानदार तरीके से मैदान पर उतारा। उन्होंने सिर्फ 24 गेंदों में 61 रन ठोकते हुए नामीबिया पर भारत की रिकॉर्ड 93 रन की जीत की नींव रखी।
ईशान ने अपनी पारी में छह चौके और पांच छक्के लगाए। उनके आक्रामक खेल की बदौलत भारत ने छह ओवर में 86 रन बना लिए, जो इस टूर्नामेंट में पावरप्ले के दौरान टीम का अब तक का सर्वश्रेष्ठ स्कोर है। हालांकि इसके बाद मध्य ओवरों में टीम थोड़ी लड़खड़ाई और 209 रन तक पहुंचने के रास्ते में दो झटके भी लगे।
कुछ समय के लिए ऐसा लगा कि भारत अपनी आक्रामक रणनीति में बदलाव करेगा, खासकर तब जब तेज शॉट खेलने की कोशिश में विकेट गिरते नजर आए। लेकिन ईशान ने क्रीज पर समय बिताने के साथ आक्रामकता जारी रखी। पावरप्ले के अंतिम ओवर में ईशान ने लगातार चार छक्के और एक चौका लगाकर 28 रन बटोरे। भारत ने सिर्फ 6.5 ओवर में 100 रन पूरे कर लिए, जो टूर्नामेंट में सबसे तेज टीम शतक का नया रिकॉर्ड है।
किशन ने गेम खत्म होने पर रिपोर्टर्स से कहा, “हम सभी अच्छे टच में हैं और जितना हो सके पावर प्ले का इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहे हैं। हम जानते थे कि बाद में, एक बार बॉल स्विंग होना बंद हो जाए तो शायद हम ओवर में अतिरिक्त रन बना सकते हैं। प्लान यही था और गेम दर गेम सिचुएशन अलग होती है। यहां यह अलग था, कल जब हम पाकिस्तान के खिलाफ खेलेंगे, तो यह अलग हो सकता है। इसलिए हमारे लिए अहम है कि हम विकेट, बॉलिंग, बॉलर आदि के बारे में जल्द से जल्द अंदाजा लगाना लगा सकें। अगर मुझे सिंगल लेकर किसी और को स्ट्राइक देने की जरूरत हुई, तो मैं वह भी करूंगा। इसलिए गेम की सिचुएशन के बारे में पता होना जरूरी है और मुझे लगता है कि अगर आपको पावर प्ले में अच्छी शुरुआत मिलती है, तो आपको हमेशा कोशिश करनी चाहिए।"
उनका मानना है कि शीर्ष तीन बल्लेबाजों में से एक को लंबी पारी खेलनी चाहिए।
ईशान ने यह भी कहा कि अब वे पहले की तुलना में अधिक परिपक्व हो गए हैं। पहले वे हर समय मजाक-मस्ती करते थे, लेकिन अब उनका ध्यान बल्लेबाजी और विकेटकीपिंग पर ज्यादा है। मुख्य कोच गौतम गंभीर के मार्गदर्शन में वे अपने खेल पर अधिक ध्यान दे रहे हैं। साल 2026 ईशान के लिए खास रहा है। टीम में वापसी के बाद उन्होंने छह पारियों में 296 रन बनाए हैं, उनका औसत 49.33 और स्ट्राइक रेट 222.55 है। वे इस समय भारत के सबसे प्रभावी बल्लेबाज बनकर उभरे हैं।
वर्ष 2023 के एकदिवसीय विश्व कप में दो मैच खेलने के बाद वे टीम से बाहर हो गए थे और उनका केंद्रीय अनुबंध भी छिन गया था। लेकिन दो साल की मेहनत और घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन के बाद उन्होंने दोबारा जगह बनाई।