विशाखापत्तनम भूमि आवंटन पर आंध्र प्रदेश विधान परिषद में भिड़े सत्ता-विपक्ष, YSRCP ने किया सदन से वॉकआउट

विशाखापत्तनम में भूमि आवंटन पर आंध्र प्रदेश परिषद में हंगामा, वाईएसआरसीपी का वॉकआउट


अमरावती, 12 फरवरी। विशाखापत्तनम में कंपनियों को भूमि आवंटन में कथित अनियमितताओं को लेकर गुरुवार को आंध्र प्रदेश विधान परिषद में जोरदार बहस हुई। आरोप-प्रत्यारोप के बीच मुख्य विपक्षी दल वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) ने सदन से वॉकआउट किया।

विपक्ष के नेता बोत्सा सत्यनारायण ने वाईएसआरसीपी सदस्यों के साथ सदन से बहिर्गमन किया। इस दौरान सत्तारूढ़ तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली।

वाईएसआरसीपी सदस्यों ने आरोप लगाया कि सरकार आईटी कंपनियों के नाम पर रियल एस्टेट समूहों को जमीन आवंटित कर रही है। सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री नारा लोकेश ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि केवल पांच विश्वसनीय कंपनियों को 99 पैसे की लीज दर पर जमीन दी गई है।

लोकेश ने विपक्ष पर बेबुनियाद आरोप लगाने और उन्हें साबित किए बिना सदन से भागने का आरोप लगाया।

प्रश्नकाल के दौरान वाईएसआरसीपी के एमएलसी टी. माधव राव ने पूछा कि पिछले 20 महीनों में कितनी कंपनियों को 99 पैसे में जमीन दी गई। उन्होंने भूमि आवंटन से जुड़ी सभी जानकारियां सार्वजनिक करने की मांग की।

माधव राव ने आरोप लगाया कि पिछले वर्ष स्थापित कुछ कंपनियों को भी 99 पैसे की लीज पर जमीन दी गई। उन्होंने दावा किया कि विजयवाड़ा में 600 करोड़ रुपये मूल्य की जमीन एक ऐसी कंपनी को दी गई, जो केवल 156 करोड़ रुपये का निवेश कर रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि एक रियल एस्टेट कंपनी को 3,000 करोड़ रुपये की जमीन 99 पैसे में दी गई और एक शैक्षणिक संस्था ने 5,000 करोड़ रुपये मूल्य की जमीन पर अतिक्रमण किया है।

लोकेश के इस दावे पर कि सरकार विशाखापत्तनम में आईटी इकोसिस्टम विकसित कर रही है, विपक्ष के नेता सत्यनारायण ने कहा कि यह इकोसिस्टम 2006 में ही बनाया जा चुका था। उन्होंने सरकार पर कंपनियों के साथ भूमि आवंटन को लेकर “गुप्त समझौते” करने का आरोप लगाया।

लोकेश ने कहा कि पिछले 18 महीनों में सरकार की नीतियों के कारण राज्य में बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भूमि आवंटन का उद्देश्य रोजगार सृजन है और सरकार पांच वर्षों में 20 लाख नौकरियां देने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने बताया कि राज्य में 22 क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं। उत्तर आंध्र में आर्सेलर मित्तल की परियोजना के लिए भी जमीन आवंटित की गई है। उन्होंने सवाल उठाया, “क्या टीसीएस और कॉग्निजेंट जैसी कंपनियों को जमीन देना गलत है?”

गौरतलब है कि पिछले वर्ष राज्य मंत्रिमंडल ने विशाखापत्तनम में टीसीएस को 21.16 एकड़ जमीन 99 पैसे की प्रतीकात्मक लीज दर पर आवंटित करने को मंजूरी दी थी।

लोकेश ने आरोप लगाया कि वाईएसआरसीपी राज्य में आने वाले निवेश को रोकना चाहती है। उन्होंने कहा, “आप निवेशकों को भगाना चाहते हैं, लेकिन सरकार ऐसा नहीं होने देगी।”

मंत्री ने यह भी सवाल उठाया कि वाईएसआरसीपी के पांच साल के कार्यकाल के दौरान विशाखापत्तनम में कौन-कौन सी कंपनियां आई थीं।
 
Similar content Most view View more

Latest Replies

Forum statistics

Threads
16,711
Messages
16,748
Members
20
Latest member
7519202689
Back
Top