पटना, 12 फरवरी। पूर्णिया से निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव की कानूनी मुश्किलें जारी हैं। उनकी जमानत याचिका पर गुरुवार को सुनवाई नहीं हो सकी। अब उन्हें शुक्रवार को दोबारा पटना सिविल कोर्ट में पेश किया जाएगा।
गुरुवार सुबह पटना सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के कारण न्यायालय की कार्यवाही प्रभावित रही। दोपहर में पप्पू यादव अदालत में पेश हुए, लेकिन सुनवाई नहीं हो पाई।
उनकी कानूनी टीम ने आरोप लगाया है कि सुनवाई में बार-बार देरी कर उन्हें जानबूझकर जेल में रखा जा रहा है।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सांसद को दो अलग-अलग मामलों में जमानत लेनी है। गर्दनीबाग थाने में दर्ज 31 वर्ष पुराने एक मामले में उन्हें पहले ही जमानत मिल चुकी है, लेकिन कोतवाली थाने में दर्ज दो मामलों में अभी कार्यवाही लंबित है। इन मामलों में जमानत मिलने तक उनकी न्यायिक हिरासत जारी रहेगी।
बताया जा रहा है कि उनके वकील शुक्रवार को नई जमानत अर्जी दायर करेंगे, जिससे उनके तत्काल कानूनी भविष्य का फैसला तय हो सकता है।
बुधवार को भी एक वकील का अधजला शव उनके पटना स्थित आवास से मिलने के बाद कोर्ट की कार्यवाही बाधित रही थी। इससे पहले भी पटना सिविल कोर्ट को कई बार बम धमकी वाले ईमेल मिले, जिसके चलते सुनवाई स्थगित करनी पड़ी।
पप्पू यादव के वकील शिव नंदन भारती ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे “सुनियोजित साजिश” बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार बम धमकियों और कानून-व्यवस्था में व्यवधान के जरिए न्यायिक प्रक्रिया को जानबूझकर प्रभावित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा, “यह शरारती तत्वों का काम है। पहले भी अदालत को उड़ाने की धमकी वाले ईमेल आए थे और अब फिर दोहराया जा रहा है, क्योंकि पप्पू यादव एक महत्वपूर्ण व्यक्ति और सांसद हैं। बिहार पुलिस के पास साइबर क्राइम सेल और आर्थिक अपराध इकाई है। यदि वे ऐसे ईमेल भेजने वालों के आईपी एड्रेस का पता नहीं लगा पा रहे हैं, तो फिर इन विभागों का क्या महत्व है?”
वकील ने सांसद की बिगड़ती सेहत पर भी चिंता जताई और कहा कि लगातार हो रही देरी से उनकी स्थिति पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि यदि नियमित और निष्पक्ष सुनवाई हो, तो पप्पू यादव को कानूनी राहत मिल सकती है।
इस बीच सोशल मीडिया पर भी सांसद के समर्थन में पोस्ट्स बढ़ गई हैं। एक वायरल पोस्ट में लिखा गया, “संयोग या साजिश? जब से सांसद पप्पू यादव को बेऊर जेल भेजा गया और उनकी सुनवाई तय हुई, चार दिनों में तीन बार पटना सिविल कोर्ट को बम धमकी मिली।”
अब सभी की नजरें शुक्रवार को होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं, जो इस मामले में अगला कदम तय कर सकती है।