गोवा: कार लोन जालसाजी में पूर्व बैंक अधिकारी समेत दो को एक साल की कैद, 70 हजार जुर्माना

गोवा: कार लोन फ्रॉड केस में पूर्व बैंक अधिकारी समेत दो को सजा, 70 हजार रुपए जुर्माना


पणजी, 12 फरवरी। उत्तर गोवा की स्पेशल जज, मर्सेस ने कार लोन फ्रॉड के एक पुराने मामले में दोषी पाए गए पूर्व केनरा बैंक अधिकारी वीवीएन शास्त्री और कर्जदार यासीन के शेख को एक साल की साधारण कैद की सजा सुनाई है। साथ ही दोनों पर कुल 70 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है। सजा 9 फरवरी 2026 को सुनाई गई, जबकि दोषसिद्धि 30 जनवरी 2026 को हुई थी।

यह मामला सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (सीबीआई) द्वारा जांचा गया था। सीबीआई ने 29 दिसंबर 2011 को केनरा बैंक, पोंडा ब्रांच के तत्कालीन अधिकारी वीवीएन शास्त्री, यासीन के शेख और कुछ अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था। बैंक की शिकायत पर जांच शुरू हुई।

आरोप था कि यासीन के शेख ने झूठे और जाली दस्तावेज जमा किए। बैंक अधिकारी शास्त्री ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए, उन्हें हुंडई कार खरीदने के लिए 5 लाख रुपए का कैनमोबाइल लोन मंजूर किया, जबकि कार पहले से ही यासीन के नाम पर रजिस्टर्ड थी।

इसके अलावा, उसी कार के लिए केनरा बैंक की कोल्हापुर ब्रांच से भी 5 लाख रुपए का दूसरा लोन मंजूर कराया गया। इसमें पहले लोन की जानकारी छिपाई गई और जाली दस्तावेज दिखाए गए। आसान शब्दों में, आरोपी ने अपनी ही पुरानी कार खरीदने के नाम पर दो अलग-अलग बैंकों से दो बार लोन लिया, जो बैंक नियमों और सरकारी कर्मचारियों की शक्तियों के खिलाफ था। यह धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश का मामला था।

जांच पूरी होने पर सीबीआई ने दोनों आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। लंबे ट्रायल के बाद स्पेशल कोर्ट ने उन्हें धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक साजिश और सरकारी पद के दुरुपयोग जैसे आरोपों में दोषी ठहराया। सजा सुनाने के साथ कोर्ट ने मामले में जुर्माना भी लगाया।

सीबीआई की जांच से पता चला कि ऐसे मामलों में बैंक अधिकारी और कर्जदार मिलकर नियम तोड़ते हैं, जिससे बैंक को नुकसान होता है। गोवा में यह पुराना मामला लगभग 15 साल बाद न्याय तक पहुंचा है। सीबीआई और कोर्ट की इस कार्रवाई से वित्तीय धोखाधड़ी रोकने में मदद मिलेगी।
 
Similar content Most view View more

Latest Replies

Forum statistics

Threads
16,711
Messages
16,748
Members
20
Latest member
7519202689
Back
Top