बेलगावी, 12 फरवरी। भाजपा की कर्नाटक यूनिट के प्रेसिडेंट बीवाई विजयेंद्र ने गुरुवार को आरोप लगाया कि कर्नाटक में कांग्रेस सरकार ने अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और अन्य पिछड़े वर्गों की पूरी तरह उपेक्षा की है। उन्होंने कहा कि गरीबों, किसानों और पिछड़े वर्गों में यह चर्चा हो रही है कि कांग्रेस ने उन्हें गुमराह किया है और उनके साथ अन्याय हो रहा है।
मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार लगभग तीन साल से सत्ता में है। लेकिन, पिछले ढाई से तीन सालों में अपने काम करने के तरीके और काबिलियत की कमी के कारण यह एक भी बड़ा विकास कार्य पूरा करने में नाकाम रही है।
बीवाई विजयेंद्र ने यह भी कहा कि माइनॉरिटी समुदाय के लिए सच में काम करने के बजाय, सरकार एएचआईएनडीए के नाम पर तुष्टिकरण की राजनीति कर रही है। उन्होंने बताया कि हाल ही में सरकार ने माइनॉरिटी डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के तहत माइनॉरिटी बेनेफिशियरी के लिए वन-टाइम सेटलमेंट स्कीम लागू की है, जिसमें 100 प्रतिशत ब्याज माफ कर दिया गया है और सिर्फ लोन की मूल रकम चुकानी होगी। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर माइनॉरिटी समुदाय को ऐसी राहत मिली है, तो दूसरे समुदायों के साथ क्या अन्याय हुआ?
भाजपा ने पूछा कि सरकार और मुख्यमंत्री अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और पिछड़े वर्गों को नजरअंदाज क्यों कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अगर सरकार अल्पसंख्यकों को खुश करने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है, तो कहीं न कहीं वह बाकी सभी समुदायों के साथ बहुत बड़ा अन्याय कर रही है।
विजयेंद्र ने एक अखबार की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि पिछड़े वर्गों के 1.41 लाख गरीब छात्रों को हॉस्टल में प्रवेश नहीं मिल रहा है। उन्होंने बताया कि यहां तक कि संबंधित मंत्री ने भी इस बात को माना है। उन्होंने कहा कि जिन समुदायों ने एएचआईएनडीए के नाम पर सत्ता में आए मुख्यमंत्री पर बहुत भरोसा किया था, वे अब देख रहे हैं कि उन्हें न्याय कैसे मिल रहा है।
राज्य में बढ़ती बेरोजगारी के लिए सरकार की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि अगर सरकार को पढ़े-लिखे बेरोजगार युवाओं की सच्ची चिंता होती, तो राज्य में 2.75 लाख पद खाली नहीं रहते।