भारत में रोल्स-रॉयस का बड़ा दांव, लड़ाकू जेट इंजन से लेकर ऊर्जा तक, कारोबार में जबरदस्त विस्तार की तैयारी

भारत में कारोबार बढ़ाएगी रोल्स-रॉयस, लड़ाकू जेट इंजन के सह-विकास पर नजर


नई दिल्ली, 12 फरवरी। लग्जरी कार बनाने वाली कंपनी रोल्स-रॉयस ने गुरुवार को कहा कि वह भारत में अपने कारोबार का विस्तार करना चाहती है। कंपनी रक्षा, नागरिक विमानन (एविएशन) और ऊर्जा क्षेत्र में नए कार्यक्रमों और साझेदारियों के लिए काम बढ़ाने की योजना बना रही है।

कंपनी अगली पीढ़ी के लड़ाकू विमान के इंजन को मिलकर विकसित करने (को-डेवलपमेंट) की संभावनाएं तलाश रही है। साथ ही वह भारतीय सेना, नौसेना और तटरक्षक बल के लिए इंजन निर्माण को भारत में ही करने पर विचार कर रही है। इसके अलावा महत्वपूर्ण ढांचे और उद्योगों के लिए पावर सॉल्यूशन देने की भी योजना है।

इन योजनाओं से भारत में रोल्स-रॉयस और उसके सहयोगियों के साथ काम करने वाले कर्मचारियों की संख्या दोगुनी होकर लगभग 10,000 तक पहुंच सकती है।

कंपनी ने कहा कि जैसे-जैसे भारत अपनी सैन्य ताकत को आधुनिक बना रहा है, रोल्स-रॉयस और ब्रिटेन सरकार ने 120 kN क्षमता वाले लड़ाकू जेट इंजन को मिलकर विकसित करने का प्रस्ताव दिया है। यह भारत के लिए स्वदेशी (देश में बना) अगली पीढ़ी का इंजन बनाने का तेज रास्ता हो सकता है।

रोल्स-रॉयस ने बताया कि इस सह-विकास के तहत भारत को पूरी तकनीक हस्तांतरण (टेक्नोलॉजी ट्रांसफर) और बौद्धिक संपदा (आईपी) का अधिकार मिलेगा। इसके लिए भारत में डिजाइन और निर्माण की विशेष सुविधा भी बनाई जाएगी, जिससे बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

कंपनी ने अनुमान लगाया है कि भारत से अपने सप्लाई चेन के लिए खरीद को वह 10 गुना तक बढ़ा सकती है, जिससे छोटे एवं मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) को फायदा होगा।

रोल्स-रॉयस के सीईओ तुफान एरगिनबिलगिक ने कहा कि कंपनी भारत की 'आत्मनिर्भर' यात्रा में साझेदारी करना चाहती है। वह देश में इंजन तकनीक विकसित करने, महत्वपूर्ण ढांचे को ऊर्जा देने और स्थानीय निर्माण को बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे कंपनी भारत के रक्षा, एविएशन और ऊर्जा कार्यक्रमों में भागीदारी बढ़ाएगी, वैसे-वैसे यहां अपना नेटवर्क भी मजबूत करेगी, जैसा उसने अन्य देशों में किया है।

कंपनी के अनुसार, इस समय भारत में 1,400 से अधिक रोल्स-रॉयस इंजन विभिन्न रक्षा प्लेटफॉर्म में इस्तेमाल हो रहे हैं। इनमें भारतीय वायुसेना और नौसेना के जगुआर लड़ाकू विमान और हॉक ट्रेनर, सेना के अर्जुन टैंक और नौसेना व तटरक्षक बल के कई जहाज और पनडुब्बियां शामिल हैं।

बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रोल्स-रॉयस के सीईओ से मुलाकात की। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार कंपनी के भारत में अपने काम को बढ़ाने और देश के युवाओं के साथ साझेदारी करने के उत्साह का स्वागत करती है।
 

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