रांची, 12 फरवरी। झारखंड हाईकोर्ट ने झारखंड लोक सेवा आयोग की 14वीं सिविल सेवा की परीक्षा में अधिकतम उम्र सीमा में छूट देने की मांग को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए 22 अभ्यर्थियों को अंतरिम राहत प्रदान की है।
अदालत ने झारखंड लोक सेवा आयोग को निर्देश दिया कि याचिका दायर करने वाले अभ्यर्थियों के ऑफलाइन आवेदन स्वीकार किए जाएं। हालांकि, कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि इन अभ्यर्थियों का परिणाम न्यायालय के अंतिम आदेश के बाद ही जारी किया जाएगा और उनकी नियुक्ति अंतिम निर्णय से प्रभावित होगी।
मामले की सुनवाई न्यायाधीश जस्टिस आनंद सेन की एकलपीठ में हुई। याचिका किशोर कुमार एवं अन्य की ओर से दायर की गई है, जिनकी ओर से अधिवक्ता अमृतांश वत्स ने पक्ष रखा। याचिकाकर्ताओं ने अदालत को बताया कि वर्ष 2021 की नियुक्ति नियमावली में प्रत्येक वर्ष परीक्षा आयोजित करने का प्रावधान है, लेकिन आयोग नियमित रूप से परीक्षा आयोजित नहीं कर रहा है।
उनका कहना था कि परीक्षा में अनियमितता के कारण कई अभ्यर्थी उम्र सीमा पार कर जा रहे हैं और उन्हें समुचित आयु छूट का लाभ नहीं मिल पा रहा है। याचिका में यह भी उल्लेख किया गया कि पिछली दो परीक्षाओं में अधिकतम आयु सीमा में छूट दी गई थी, जबकि इस बार आयोजित परीक्षा के लिए अधिकतम आयु की गणना तिथि 1 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है। इस तिथि के निर्धारण से कई अभ्यर्थी पात्रता से बाहर हो गए हैं, जबकि देरी आयोग की ओर से परीक्षा आयोजित नहीं किए जाने के कारण हुई है।
दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने आयोग को निर्देश दिया कि याचिकाकर्ताओं के आवेदन ऑफलाइन माध्यम से स्वीकार किए जाएं, ताकि वे परीक्षा प्रक्रिया से पूरी तरह वंचित न हों। साथ ही, कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया कि इन अभ्यर्थियों का परिणाम और संभावित नियुक्ति न्यायालय के अंतिम निर्णय के अधीन होगी। मामले की अगली सुनवाई की तिथि बाद में निर्धारित की जाएगी। अदालत के अंतरिम आदेश से फिलहाल 22 अभ्यर्थियों को परीक्षा प्रक्रिया में शामिल होने का अवसर मिल गया है।
उल्लेखनीय है कि झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) ने 14वीं सिविल सर्विस परीक्षा के लिए हाल में विज्ञापन निकाला है और इसके लिए 31 जनवरी से ऑनलाइन आवेदन शुरू हुआ है। आवेदन करने की अंतिम तिथि 14 फरवरी तक निर्धारित की गई है। वहीं परीक्षा शुल्क का भुगतान 16 फरवरी की शाम 5 बजे तक किया जा सकेगा। इस परीक्षा के जरिए कुल 103 पदों पर नियुक्ति होनी है।
इनमें उप समाहर्ता के 28 पद, पुलिस उपाधीक्षक के 42 पद, राज्य जनसंपर्क पदाधिकारी के 10 पद, सहायक नगर आयुक्त/कार्यपालक पदाधिकारी के 10 पद, प्रोबेशन पदाधिकारी के 4 पद, सहायक निदेशक (महिला एवं बाल विकास) के 3 पद, काराधीक्षक के 2 पद, जिला समादेष्टा के 2 पद और सहायक निबंधक के 2 पद शामिल हैं।